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जिस थाने में चलती थी दादगिरी, अब उसी थाने में चलेगा केस

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    शाहजहांपुर। थानेदार वो होता है जो थाने में आने वाले फरियादियों की फरियाद सुनकर मुकदमा दर्ज कर फरियादियों को न्याय दिला सके। लेकिन अब थानेदार और दो दारोगाओं को एक बेबस गैंगरेप पीड़िता की फरियाद न सुनने की बड़ी सजा मिली है। जिस थाने में एसओ साहब ने गैंगरेप पीड़िता को भगाया है। अब उसी एसओ के खिलाफ उसके ही थाने में मुकदमा दर्ज होगा। इतना ही नहीं इस बड़ी घटना में बड़ी लापरवाही बरतने वाले दो दरोगाओं के खिलाफ भी अब उनके ही थाने मे मुकदमा दर्ज किया गया है। माना ये जा रहा है कि अब उन दरिंदो के साथ साथ एसओ और दो दरोगा भी जेल जा सकते हैं। आपको बता दें कि गैंगरेप पीड़िता कार्रवाई ना होने से नाराज आत्मदाह कर लिया था।

    रेप मामले में अब खुद के थाने में चलेगा दरोगा के खिलाफ केस

    दरअसल थाना परौर के एसओ सुभाष कुमार और दरोगा लोकेश और लाल सिंह को अपनी करनी की सजा मिली है। यूपी पुलिस के तीन पुलिसकर्मियों को आज प्रदेश की सरकार ने कठघरे मे खड़ा कर दिया है। पिछले 6 महीने से एक महिला के साथ गैंगरेप हो रहा था। पहले तो एसओ और दरोगा ने आरोपियों से मिलकर थाने मे समझौता कराया और उसके बाद फिर जब पीड़िता से गैंगरेप हुआ तो फिर थाने पर एसओ सुभाष कुमार और दरोगा ने उसकी एक न सुनी। अब जब पीड़िता को न्याय न मिलने पर उसने आत्मदाह कर लिया तो उसके बाद जिले की पुलिस अधीक्षक नींद से जागने और जिम्मेदार एसओ और दरोगा पर बड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए।

    कार्रवाई ऐसी कि जब आरोपियों पर मुकदम दर्ज हुआ तो उन दोषी पुलिसकर्मियों पर भी धारा 166ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। उसके साथ ही एसपी एस चिनप्पा ने इस मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल सस्पेंड करने के भी आदेश दे दिए। कहते हैं कि जैसा करोगे, वैसा ही भरोगे वो भी इसी दुनिया में। अब जिस थाने में एसओ और दरोगा अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते थे आज उसी थाने में खुद एसओ और दरोगा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

    आपको बता दें कि थाना परौर क्षेत्र की रहने वाली गैंगरेप पीड़िता पिछले 6 महिने से गैंगरेप का दंश झेल रही थी। जब पीड़िता थाने में शिकायत करने पहुंची थी तो पुलिस एसओ सुभाष सिंह ने कार्रवाई करने के बजाए समझौता करा दिया। उसके बाद एक महीने पहले आरोपियों ने फिर से गैंगरेप किया तो पीड़िता फिर थाने गई लेकिन इस बार भी उसकी शिकायत नहीं दर्ज की गई थी। बीते बुधवार को दबगों ने पीड़िता को फोन पर जान से मारने की धमकी दी उसके बाद पीड़िता इतने सदमे में आ गई कि उसने आत्मदाह कर लिया।

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    English summary
    Case against police inspector in Rape case will now run in its own police station

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