BSP Mayawati: क्यों आकाश आनंद ही बन सकते हैं मायावती के उत्तराधिकारी, जानिए 5 बड़ी वजहें
बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी गद्दी अपने भतीजे आकाश को ही सौंपेंगी। मायावती ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि उन्होंने आधिकारिक ऐलान नहीं किया है लेकिन आकाश की सक्रियता बता रही है कि इसको लेकर फैसला हो चुका है।
BSP Chief Mayawati: उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की मुखिया मयावती (BSP Chief Mayawati) ने अपने भतीजे आकाश आनंद (Akash Anand) को गद्दी सौंपने का फैसला कर लिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है लेकिन मायावती जिस तरह से पार्टी का चेहरा बदलने के लिए आकाश को अब बड़ी बैठकों में सामने ला रही हैं और बड़ी जिम्मेदारियां सौंप रही है उससे साफ है कि अब आकाश आनंद ही आने वाले दिना में बसपा का चेहरा होंगे।

राजस्थान समेत कई राज्यों में आकाश आनंद की जनसभाएं
मायावती ने अपने भतीजे आकाश आंनद को आगे बढ़ाने का फैसला कर लिया है। राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी आकाश आनंद को अहम जिम्मेदारी पकड़ाई गई है। वह वहां पर लगातार जनसभाएं कर रहे हैं और लोगों के बीच जा रहे हैं। मायावती उनको बड़ा चेहरा बनाने के लिए ही राजस्थान बिहार समेत अन्य चुनावी राज्यों में भेज रही हैं।
आकाश संभाल रहे लोकसभा की बैठकों की कमान
आकाश आनंद ने मायावती की मंशा के अनुरूप काम भी शुरू कर दिया है। वह 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिहाज से बसपा का एक मजबूत स्तम्भ बनने की तरफ अग्रसर हैं। बसपा के एक नेता बताते हैं कि आकाश आनंद को जिस तरह से प्रमोट किया जा रहा है उससे यह तय है कि आने वाले सम में वही मायावती के उत्तराधिकारी होंगे। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में हाल में 2024 के चुनाव को लेकर कई राज्यों की बड़ी बैठकें हुईं थीं। इन बैठकों में जो भी टास्क पकड़ाए गए उनकी समीक्षा करने का काम आकाश को ही सौंपा गया है।
चंद्रशेखर को काउंटर करने की कोशिश
आकाश आनंद को सामने लाने की कई वजहें हैं। मायावती के एक समय में दलितों के बीच एक करिश्माई नेता हुआ करती थीं लेकिन पिछले कई चुनावों से जहां उनके जनाधार में कमी आ रही है वहीं दूसरी ओर पश्चिम में चंद्रशेखर के रूप में एक दलित नेता भी तेजी से उभर रहा है। चंद्रशेखर को काउंटर करने के लिए ही अब मायावती को आकाश-आनंद को सामने लाना पड़ रहा है ताकि वह दलितों के बीच एक यूथ आइकन के तौर पर पेश कर सकें।
बसपा को नया चेहरा देने की कवायद
मायावती यदि आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी बनाती हैं तो उन्हें एक ऐसा चेहरा मिल जाएगा जिससे पार्टी खड़ी हो सकती है। मायावती पर हमेशा से ये आरोप लगता रहा है कि वह पार्टी के भीतर किसी नेता को अपने से बड़ा नहीं बनने देना चाहती हैं। इसलिए एक एक कर कई बड़े नेता उनका साथ छोड़कर दूसरी पार्टियों में चले गए। राजनीतिक विश्लेषक राजीव रंजन सिंह कहते हैं कि,
ये बात सही है कि आकाश आनंद को जिम्मेदारियों का बोझ पकड़ाया जा रहा है। हो सकता है मायावती आकाश आनंद को बसपा में एक नए चेहरे के तौर पर पेश करें लेकिन सबसे बड़ी बात है कि क्या आकाश आनंद को लेकर दलितों के बीच उतनी स्वीकार्यता है जितनी मायावती के प्रति है।
पार्टी कैडर में जान फूंकने की कोशिश
बसपा के सूत्र बताते हैं कि मायावती ने आकाश आनंद को आगे लाने का फैसला कर लिया है। मायावती पर आरोप लगते रहे हैं कि वह सड़कों पर उतरकर संघर्ष करते नहीं दिखायी देती हैं। ऐसे में आकाश आनंद नए चेहरे के तौर पर जहां पार्टी कैडर के बीच नई जान फूंक सकते हैं वहीं बसपा कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर संघर्ष करते भीर दिखाई दे सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो पिछले कई चुनावों से बसपा का कैडर सुस्त पड़ा हुआ है और मायावती को चुनाव दर चुनाव हार का सामना करना पड़ रहा है। हो सकता है आकाश को आगे लाने से कार्यकर्ताओं को बूस्ट मिले और बसपा की वापसी हो जाए।












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