सुल्तानपुर: क्या है यूपी में सत्ता हासिल करने का बसपा का 22+18 फॉर्मूला?
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अब बताएं आप दोनों के एक होने के बाद सत्ता किसकी होगी, सभी ने कहा बीएसपी की। तब उन्होंने कहा क्या ये अच्छा नहीं होता के दलित-मुस्लिम एक प्लेटफॉर्म पर आ जाते।
यहां शहर के एक गेस्ट हाउस में तमाम मुस्लिम कम्यूनिटी के उलमाओं के साथ बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मीटिंग की। जहां उन्होंने खुले तौर पर कहा कि यूपी की हुकूमत के लिए 32 से 33% वोट की जरूरत होती है। फिर उन्होंने बीएसपी के बेस वोटबैंक का जिक्र करते हुए कहा कि आप सबको पता है के यूपी में 22% दलित वोट है जो उसके अपने हैं। इस पर सबने हां कहा तो झट उन्होंने कहा कि आपकी तादाद यूपी में कितनी है? जवाब मिला 18%। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अब बताए आप दोनों के एक होने के बाद सत्ता किसकी होगी, सभी ने कहा बीएसपी की। तब उन्होंने कहा क्या ये अच्छा नहीं होता के दलित-मुस्लिम एक प्लेटफॉर्म पर आ जाते।

दलित अपना मुकाम पा गया, आप भी पा सकते हैं!
दरअसल सिद्दीकी पूरे मूड में थे और नब्ज टटोल कर बात कर रहे थे। उलमाओं के बीच सिद्दीकी ने कहा कि अब तक कांग्रेस का बेस वोट दलित+मुस्लिम रहा है। लेकिन क्या उस हुकूमत ने आपके साथ कुछ किया? जिन लोगों के साथ आप खड़े थे उन्होंने कभी मास्टर चाभी आपके हाथों में नहीं दी। इस बात को दलित समझ गया और अपना मुकाम पा गया, क्या आप अपना मुकाम पाना नहीं चाहते?

'बीएसपी घोषणापत्र नहीं बनाती काम करती है'
अंत में सिद्दीकी ने कहा कि अन्य पार्टियां बेवकूफ बनाने का काम करती हैं। वो मेनिफेस्टो तैयार करती हैं लेकिन वादा पूरा नहीं करती। वहीं बीएसपी मेनिफ्स्टो नहीं तैयार करती काम करती है। उन्होंने कहा मैं यूपी जा रहा हूं लोग बीएसपी को पसंद कर रहे हैं और उनकी समझ में भी आ रहा है। वैसे नसीमुद्दीन सिद्दीकी की इस मीटिंग में इसौली, सुल्तानपुर और लम्भुआ सीट के उलेमा अच्छी संख्या बल में दिखाई दिए। मीटिंग से निकलने के बाद उनके बीच की चर्चा से ये निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि आने वाले समय में इन सीटों पर सपा के लिए पार पाना आसान नहीं होगा।












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