कमजोर बूथों को मजबूत करने के लिए BJP चलाएगी अभियान, जानिए क्या है इसका 2024 से कनेक्शन
लखनऊ, 06 जून: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 29 मई को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक लखनऊ में हुई थी और इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 75 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है और अब पार्टी ने अपना ध्यान लोकसभा चुनाव में लगाया है। वहीं विपक्षी दल विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा करने से अभी भी कतरा रहे हैं। भाजपा राज्य के उन कमजोर बूथों पर फोकस करना शुरू कर दिया है, जिन्हें पिछले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में कम वोट मिले थे। पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए तैयार रोडमैप पर काम शुरू कर दिया है ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा जा सके।

प्रत्येक लोकसभा में 225- 250 बूथों की पहचान कर चलेगा अभियान
दरअसल, हाल ही में लखनऊ में हुई राज्य कार्यसमिति की बैठक में कमजोर बूथों पर फोकस करने का फैसला लिया गया. इसके लिए पार्टी ने मई में ही सूची तैयार करने का फैसला किया था और इसकी जिम्मेदारी संगठन के नेताओं को सौंपी थी. जिसके बाद पार्टी ने प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 225 से 250 के बीच कमजोर बूथों की पहचान की है। बीजेपी ने इन बूथों के लिए रणनीति तैयार की है और इनकी जिम्मेदारी विधायकों और सांसदों को दी जाएगी। बताया जा रहा है कि भाजपा के राज्य स्तरीय नेता पंद्रह दिनों में इन बूथों को समय देंगे और जुलाई से इन बूथों पर संगठन का काम शुरू हो जाएगा।
2024 के आम चुनाव में बीजेपी ने रखा 75 सीटें जीतने का लक्ष्य
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पिछले महीने ही लखनऊ में हुई थी और इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 75 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही बीजेपी के महासचिव सुनील बंसल ने लोकसभा क्षेत्र में कमजोर बूथों की पहचान करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि हर सीट पर 100 कमजोर बूथों की जिम्मेदारी पार्टी के लोकसभा सदस्य (एमपी) या राज्यसभा सदस्य को दी जाएगी जहां कोई पार्टी विधायक नहीं होगा। वहां एमएलसी अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। 25 बूथ विधान सभा के विधायक या विधान परिषद के सदस्य को दिए जाएंगे।
सांसद के साथ 80 और विधायक के साथ 10 कार्यकर्ताओं की टीम बनेगी
जानकारी के मुताबिक बीजेपी ने हर लोकसभा सीट पर 225 से 250 के बीच कमजोर बूथों की पहचान की है। इन बूथों पर पार्टी को सबसे कम वोट मिले। पार्टी की रणनीति के तहत 15 से 30 जून तक प्रदेश की टीम जिलों का दौरा करेगी और रिपोर्ट आने के बाद सांसद समेत 80 और विधायक समेत 10 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी। जो स्थानीय स्तर पर बूथों को मजबूत करने का काम करेगी।












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