पूर्वांचल में भाजपा की रणनीति के सामने टिक पाना है मुश्किल

पूर्वांचल में भाजपा ने लंबे समय से शुरु की थी तैयारी, 89 सीटों पर भाजपा को बड़ी जीत हासिल के दिख रहे हैं आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आखिरी के दो चरण के मतदान में भाजपा पूरी कोशिश करेगी कि वह पूर्वांचल में बड़ी बढ़त हासिल करे। पिछले 18 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो केंद्र सरकार ने कई योजनाएं पूर्वांचल के लिए शुरू की जिसमें प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी आता है, यही नहीं पार्टी ने पूर्वांचल के कई बड़े नेताओं को केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारियां भी दी है।

89 सीटों पर भाजपा का बड़ा दांव

89 सीटों पर भाजपा का बड़ा दांव

पूर्वांचल में प्रदेश की कुल 403 सीटों में से 89 सीटें हैं, जिसमें से भाजपा के पास 2012 में सिर्फ 11 सीटें हासिल हुई थी, लेकिन 2014 के चुनाव में पार्टी को यहां से 18 लोकसभा सीटों में से 17 पर जीत हासिल हुई थी, पार्टी को सिर्फ एक सीट आजमगढ़ में हार का सामना करना पड़ा था, इसमें से एक दर्जन से अधिक सीटें वह हैं जिनपर भाजपा को कभी भी जीत हासिल नहीं हुई थी। पूर्वांचल में पार्टी के कई बड़े नेता बैठकें कर चुके हैं , जिसमें केंद्रीय मंत्री से लेकर खुद प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हैं। गत वर्ष दिसंबर माह में प्रधानमंत्री ने वाराणसी में 26000 भाजपा कार्यकर्ताओं संग बैठक भी की थी।

कई हाईवे, और गरीबों की योजनाओं का शुभारंभ

कई हाईवे, और गरीबों की योजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी पिछले एक साल में तकरीनब आधा दर्जन बार पूर्वांचल आ चुके हैं, एक मई को पीएम बलिया आए और यहां उन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारंभ किया जिसके तहत गरीबों को गैस कनेक्शन दिया जाता है। वहीं जुलाई में पीएम गोरखपुर पहुंचे और यहां उन्होंने खाद्य फैक्ट्री की शुरुआत की, जिसकी कुल लागत 1000 करोड़ रुपए है, इसके अलावा 700 बेट का एम्स अस्पताल का भी शिलान्यास किया गया। इसके अलावा पीएम ने इन जगहों पर पर्यटन को बढ़ावा देने की भी बात कही, पीएम ने छोटे शहरों में हवाई सेवा शुरु करने की बात कही। इसके अलावा पीएम ने सोनौली से गोरखपुर राष्ट्रीय हाईवे, नेपाल सीमा से रुदौली, गोरखपुर से वाराणसी हाईवे के विकास का शुभारंभ किया जिसकी कुल लागत तकरीबन 1800 करोड़ रुपए है।

कई योजनाओँ की हुई शुरुआत

कई योजनाओँ की हुई शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 अक्टूबर 2014 को वाराणसी में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। उसी दिन पीएम ने यहां एक प्रचार भी शुरु किया जिसे विकसित पूर्वांचल-समृद्ध भारत का टाइटल दिया गया। वहीं गाजीपुर में पीएम ने नवंबर 2014 में मऊ-गाजीपुर- तारीघाट रेलवे लाइन का शिलान्यास किया, इसके अलावा गाजीपुर-बलिया के बीच 402 करोड़ की लागत से डबल लेन योजना का शिलान्यास किया। गाजीपुर से कोलकाता के बीच शब्दभेजी एक्सप्रेस की शुरुआत की।

पांच पूर्वांचल के सांसदों को मिला मंत्रालय

पांच पूर्वांचल के सांसदों को मिला मंत्रालय

गत वर्ष जुलाई माह में मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल, चंदौली से महेंद्र नाथ पांडेय, देवरिया से कलराज मिश्रा, गाजीपुर से मनोज सिन्हा को पीएम मोदी ने कैबिनेट में जगह दी। इसके अलावा भाजपा ने कौशांबी से सांसद विनोद सोनकर को एससी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह को किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, इसके साथ ही पूर्व बसपा विधायक दारा सिंह चौहान को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया।

क्षेत्रीय पार्टियों के साथ किया गठबंधन

क्षेत्रीय पार्टियों के साथ किया गठबंधन

गोरखुपर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को अपने क्षेत्र में काफी प्रभावी माना जाता है, पार्टी ने गत वर्ष गोरखुर के शिव प्रताप शुक्ला को राज्य सभा में एंट्री दी, ताकि ब्राह्मण मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित किया जा सके। वहीं ओबीसी और एसएसी वोटर्स को लुभाने के लिए भाजपा ने अनुप्रिया पटेल को इस चुनाव 12 सीटें, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 8 सीटें दी हैं। मऊ में रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा था कि वह सहयोगी दलों को भी सरकार में अहम भूमिका देंगे, बावजूद अगर भाजपा पूर्ण बहुमत में आती है, पीएम ने कहा कि 2014 में पूर्ण बहुमत के बाद भी हमने सहयोगी दलों को मंत्रालय में जगह दी।

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