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करहल का हल निकालने में जुटी बीजेपी, अखिलेश के सामने होगा सैफई परिवार का सदस्य ?

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लखनऊ, 28 जनवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी पार्टियों की तरफ से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हो रहा है। बीजेपी भी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर रही है। लेकिन इस बीच सूत्र बता रहे हैं कि मैनपुरी जिले की जिस करहल सीट से अखिलेश यादव चुनाव लड़ने जा रहे हैं वहां से बीजेपी किसी बड़े चेहरे को उनके खिलाफ मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। चर्चा है कि औरैया की रहने वाली राज्यसभा सदस्य गीता शाक्य या फिर सैफई परिवार के ऐसे सदस्य को अखिलेश के खिलाफ खड़ा किया जाएगा जो हाल ही में बीजेपी में शामिल हुआ है। इसी रणनीति को देखते हुए बीजेपी ने अभी करहल की सीट को होल्ड पर रखा हुआ है।

तीन विकल्पों पर विचार कर रही बीजेपी

तीन विकल्पों पर विचार कर रही बीजेपी

मजबूत प्रत्याशियों के लिए सैफई परिवार के अपने पाले वाले सदस्यों से लेकर बाहरी नेताओं पर भी मंथन हो रहा है। पार्टी के रणनीतिकार तीन विकल्पों पर मंथन में जुटे हैं। बीजेपी के एक प्रदेश महासचिव ने बताया कि पार्टी राज्य के किसी बड़े चेहरे को अखिलेश के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार सकती है। वह राज्यसभा सदस्य, लोकसभा सदस्य या फिर सैफई परिवार से जुड़ा हो सकता है। पार्टी ने तय किया है कि करहल सीट की लड़ाई पूरी तरह से दिलचस्प बनाई जाए ताकि उसका संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा। बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि अखिलेश के खिलाफ भी मजबूत उम्मीदवार देकर उन्हें उनके गढ़ में ही घेरने की कोशिश की जाएगी।

जातीय समीकरण पर भी फोकस

जातीय समीकरण पर भी फोकस

पार्टी के महासिचव की माने तो एक विकल्प यह है कि करहल सीट के जातीय समीकरणों के हिसाब से किसी स्थानीय शाक्य चेहरे को उतारा जाए। हालांकि भाजपा के शाक्य समाज के दो नेता करहल पर चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं। इनमें से एक नेता मैनपुरी सीट से टिकट के दावेदार थे, जबकि दूसरे पूर्व में भाजपा में प्रत्याशी रह चुके हैं। दूसरे विकल्प के तौर किसी बाहरी बड़े चेहरे को उतारने पर विचार हो रहा है। बड़े चेहरे को जातीय समीकरण के हिसाब से ही खोजा जा रहा है। बीजेपी चाहती है कि करहल को हॉट सीट के तौर पर लिया जाए ताकि चुनावी लड़ाई को दिलचस्प बनाया जा सके।

मुलायम के दामाद और गीता शाक्य पर भी चर्चा

मुलायम के दामाद और गीता शाक्य पर भी चर्चा

औरेया की रहने वाली राज्यसभा सदस्य गीता शाक्य करहल विधानसभा सीट की प्रभारी हैं। ऐसे में उनके नाम भी चर्चाएं चल रही है। रणनीतिकारों का मंथन तीसरे विकल्प के तौर भाजपा के साथ आ चुके सैफई परिवार के किसी सदस्य को लड़ाने पर भी चला रहा है। मुलायम सिंह के दामाद अनुजेश यादव (मुलायम की भतीजी संध्या यादव के पति) बीते लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने इस टिकट के लिए दावेदारी भी की थी। रणनीतकारों का तर्क है कि अखिलेश यादव के सामने यदि उनके परिवार का कोई सदस्य-संबंधी चुनाव लड़ता है तो एक बिखराव का एक संदेश भी जाएगा।

ये है करहल का जातीय समीकरण

ये है करहल का जातीय समीकरण

करहल विधानसभा सीट पर अब तक सपा ने सात बार कब्जा किया है। यहां यह बिरादरी की आबादी 28 फीसदी है। इसके अलावा इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति में 16 प्रतिशत, ठाकुर 13 प्रतिशत, ब्राह्मण 12 प्रतिशत और मुस्लिम मतदाता 5 प्रतिशत हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की लहर के बावजूद सपा प्रत्याशी सोबरन यादव को एक लाख से ज्यादा वोट मिले थे और वे हमारे निकटतम प्रतिद्वंद्वी लव शाक्य को 38 हजार से ज्यादा वोटों से मात दे चुके थे. करीब 20 साल पहले 2002 आखिरी बार बीजेपी ने इस सीट से जीत हासिल की थी। उस समय सोबरन यादव भाजपा के प्रत्याशी थे।

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English summary
BJP engaged in finding solution to Mainpuri's Karhal
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