यूपी में बीजेपी की सहयोगी ने मुस्लिम को दिया पहला टिकट, यह उम्मीदवारी क्यों खास है जानिए

लखनऊ, 23 जनवरी: उत्तर प्रदेश में भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने पार्टी की पहली सूची का पहला टिकट ही एक मुस्लिम उम्मीदवार को दिया है। हालांकि, अभी तक बीजेपी और उसकी सहयोगियों के बीच सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत फाइनल नहीं हुई, लेकिन रामपुर की स्वार सीट पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। जिस उम्मीदवार हैदर अली खान को अपना दल ने टिकट दिया है, उनका राजनीतिक और पारिवारिक बैकग्राउंड कांग्रेसी है और उनके पिता रामपुर सीट से चुनाव भी लड़ रहे हैं।

 बीजेपी की सहयोगी का पहला टिकट मुसलमान को

बीजेपी की सहयोगी का पहला टिकट मुसलमान को

बीजेपी की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने पार्टी की पहली सूची जारी की है, जिसमें सिर्फ एक नाम है और वह है एक मुस्लिम उम्मीदवार का। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से हैदर अली खान को टिकट दिया है। यह वही सीट है, जहां से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने की संभावना है। खास बात ये है कि बीजेपी और उसकी यूपी में सहयोगी अपना दल (एस) और संजय निषाद पार्टी की पार्टी के बीच सीटों के तालमेल को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने सिर्फ एक नाम वाली अपनी पहली सूची जारी की है और वह टिकट दिया गया है एक मुसलमान प्रत्याशी को।

सीटों पर तालमेल की चर्चा अंतिम दौर में- अनुप्रिया पटेल

सीटों पर तालमेल की चर्चा अंतिम दौर में- अनुप्रिया पटेल

आमतौर पर मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट न के बराबर देने की वजह से भाजपा अपने विरोधियों के निशाने पर रहती है, इसलिए उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां पार्टी पर ध्रुवीकरण के आरोप लगते रहे हैं, वहां से मुस्लिम उम्मीदवार के नाम की घोषणा बहुत ही अहम है। वैसे अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने एक टीवी इंटरव्यू में भाजपा के साथ 36 सीटों पर चर्चा की बात नकारते हुए कहा है, "मैंने किसी भी प्रकार का कोई आंकड़ा मीडिया में जारी नहीं किया है, यह 36 सीटों का जादुई आंकड़ा कहां से आ रहा है, मुझे नहीं मालूम। फिलहाल हमारी चर्चा भारतीय जनता पार्टी के साथ सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, और काफी सीटें हमारी फाइनल हो चुकी हैं। कुछ सीटों पर चर्चा अंतिम दौर में है। बहुत जल्दी हम इसका औपचारिक ऐलान कर देंगे।"

हम स्वार सीट निश्चित जीतेंगे- अनुप्रिया पटेल

हम स्वार सीट निश्चित जीतेंगे- अनुप्रिया पटेल

हैदर अली खान रामपुर के शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा जुल्फीकार अली खान कांग्रेस से पांच बार रामपुर के सांसद रहे थे। उनके पिता नवाब काजिम अली खान चार बार के एमएलए हैं और इस बार पड़ोस की रामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार भी हैं। वैसे हैदर अली की चर्चा कांग्रेस से भी टिकट मिलने की हो रही थी, लेकिन वे दिल्ली जाकर पटेल से मिले और गठबंधन ने यही सीट पहले फाइनल करके अपना दल के खाते में दे दी। अनुप्रिया ने कहा है कि, "वह सीट हमें मिली है और उसपर हम वहां के एक बहुत ही प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य को मौका दे रहे हैं। और उस परिवार का वहां के आम जनमानस से बहुत ही जुड़ाव है-बहुत ही लगाव है। उस परिवार की अपनी एक राजनीतिक विरासत भी है। मुझे लगता है कि उस परिवार को हमने मौका दिया है तो निश्चित रूप से वो सीट हम जीतेंगे।"

स्वार से अब्दुल्ला आजम फिर हो सकते हैं सपा उम्मीदवार

स्वार से अब्दुल्ला आजम फिर हो सकते हैं सपा उम्मीदवार

2017 के चुनाव में स्वार से सपा के अब्दुल्ला आजम जीते थे। लेकिन, 2019 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी जीत को इस आधार पर रद्द कर दिया था कि 2017 में नामांकन दाखिल करते समय उन्होंने फर्जीवाड़े का सहारा लिया था और उस वक्त वे 25 साल के हुए भी नहीं थे, जो कि चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु निर्धारित की गई है। अब्दुल्ला जालसाजी समेत कई आरोपों के तहत फरवरी, 2020 से ही जेल में बंद थे। उन्हें हाल ही में जमानत मिली है और माना जा रहा है कि अखिलेश यादव एक बार फिर से उन्हें स्वार से सपा का टिकट देंगे।

 आजम खान भी जेल से निकलने की कोशिश में हैं

आजम खान भी जेल से निकलने की कोशिश में हैं

अब्दुल्ला आजम के पिता और रामपुर से सपा सांसद आजम खान भी 2020 के फरवरी से कई गंभीर आरोपों में जेल में बंद हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में यूपी चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत के लिए याचिका भी डाल रखी है। गौरतलब है कि यूपी में बीजेपी जिन मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है, उनमें आजम खान जैसे नेताओं का मुद्दा उसके प्रचार अभियान का अहम हिस्सा है, जिनके पहले की भूमिकाओं को लेकर वह समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेने का कोई मौका नहीं छोड़ती।

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