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Bird Flu Alert: कानपुर के बाद गोरखपुर, आगरा और मेरठ में भी खतरे की आहट, पॉल्ट्री फार्म की गहन जांच शुरू

Bird Flu Alert: कानपुर के जू में शेर पटौदी की अचानक मौत ने पूरे पशु पालन विभाग को सतर्क कर दिया है। इस मौत के पीछे बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद आगरा और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग ने डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की है जो सैंपलिंग पर काम करेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं भी पक्षियों की सामूहिक मौत की सूचना मिले, तो तुरंत इसकी जानकारी दी जाए।

bird flu alert after lion life lost in kanpur

गुरुवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बर्ड फ्लू को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों और जू कर्मचारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।

पशुपालन विभाग अलर्ट मोड में

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी अप्रत्याशित पक्षी मौत की घटना को नजरअंदाज न किया जाए। सैंपलिंग के लिए गठित टीम हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करेगी और संदिग्ध पक्षियों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, यदि समय पर सैंपलिंग और निगरानी की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर ही रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।

नगर निगम को भी सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर नगर निगम को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में आने वाले सभी पक्षियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

पॉल्ट्री फार्म और चिकन की दुकानों की नियमित जांच की जाएगी, जिससे संक्रमण की कोई कड़ी न बन सके। अधिकारी मानते हैं कि बाहरी पक्षियों के कारण फ्लू फैलने की आशंका अधिक होती है।

सभी पॉल्ट्री फार्म की जांच शुरू

गोरखपुर जू में एच5 एवियन इन्फ्लुएंजा से एक पक्षी की मौत के बाद मेरठ में भी पशुपालन विभाग चौकन्ना हो गया है। यहां सभी पॉल्ट्री फार्म्स और जू के आसपास के इलाकों में निरीक्षण तेज कर दिया गया है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप शर्मा का कहना है कि फिलहाल मेरठ जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियातन सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

कंट्रोल रूम स्थापित, हेल्पलाइन नंबर भी जारी

स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए मेरठ के विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। इस कंट्रोल रूम के प्रभारी डॉ. प्रवीण कुमार होंगे।

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लोग किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0121-2666221 या मोबाइल नंबर 9997956177 पर संपर्क कर सकते हैं। सीडीओ नूपुर गोयल ने भी इस मुद्दे पर समीक्षा बैठक कर दिशा-निर्देश दिए हैं।

निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की योजना

पशुपालन विभाग स्थानीय निकायों के साथ मिलकर निगरानी तंत्र को और अधिक सक्रिय बना रहा है। निगरानी में खासतौर पर उन इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां प्रवासी पक्षियों की आमद अधिक होती है।

इसके अलावा, अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक हुआ तो इलाके में स्क्रीनिंग कैंप भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी स्तर पर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

बर्ड फ्लू को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी पक्षियों से मनुष्यों में बहुत कम ही फैलती है। फिर भी सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता जरूरी है। लोग बिना जांचे पक्षियों के संपर्क में न आएं और चिकन जैसे उत्पादों को पूरी तरह पकाकर ही खाएं।

अगर मुझे किसी पक्षी की असामान्य मौत दिखाई दे तो क्या करें?

तुरंत स्थानीय पशुपालन विभाग या कंट्रोल रूम को सूचित करें। बिना सुरक्षा के मृत पक्षी को छूने या नजदीक जाने से बचें।

प्रशासन बर्ड फ्लू से बचाव के लिए क्या कदम उठाता है?

प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में पॉल्ट्री फार्म्स की जांच करता है, संदिग्ध पक्षियों के सैंपल लिए जाते हैं, कंट्रोल रूम बनाए जाते हैं और आम जनता को जागरूक किया जाता है।

क्या चिकन और अंडा खाना सुरक्षित है जब बर्ड फ्लू फैला हो?

पूरी तरह पका हुआ चिकन और अंडा खाने से बर्ड फ्लू फैलने का खतरा बेहद कम होता है। लेकिन कच्चे या अधपके उत्पादों से बचना जरूरी है।

क्या बर्ड फ्लू इंसानों में भी फैल सकता है?

हां, हालांकि यह दुर्लभ होता है, लेकिन कुछ प्रकार के बर्ड फ्लू वायरस इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं, खासकर जब सीधे संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आया जाए।

बर्ड फ्लू क्या है और यह कैसे फैलता है?

बर्ड फ्लू एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो पक्षियों में फैलती है। यह वायरस संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है, खासकर मल, थूक या पंखों से।

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