लोकसभा चुनाव से पहले अति पिछड़ी जातियों (MBC) में पैठ बनाने में जुटी BSP, जानिए क्या है पूरा प्लान
बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में सबसे पिछड़ी जातियों (एमबीसी) पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए उसी हिसाब से पार्टी की रणनीति बनाई गई है। 'चलो गाँव की ओर' कार्यक्रम में गांव के अति पिछड़े समाज पर फोकस किया गया है।

BSP to Most Backward Castes: देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों ने एक बार फिर जनता के बीच अपने वोट बैंक के हिसाब से पैठ बनाना शुरू कर दिया है। यूपी में कभी अपने दम पर सत्ता हासिल करने वाली बहुजन समाज पार्टी ने भी ग्रामीण इलाकों में जाने और वहां पर अति पिछड़ी जातियों के बीच कैडर को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पदाधिकारियों की माने तो इसको लेकर पार्टी की तरफ से "चलो गांव की ओर" अभियान की शुरुआत की गई थी।
मोस्ट बैकवर्ड क्लास पर बीएसपी का फोकस
बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में सबसे पिछड़ी जातियों (एमबीसी) पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए उसी हिसाब से पार्टी की रणनीति बनाई गई है। 'चलो गाँव की ओर' कार्यक्रम में गांव में रह रहे अति पिछड़े समाज पर फोकस किया गया है। इसका उद्देश्य गाँवों में सबसे पिछड़ी जातियों तक पहुंचना और उन्हें राज्य में उनकी बेहतरी के लिए बसपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों के प्रति संवेदनशील बनाना है। .
15 जनवरी को बना था कार्यक्रम
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15 जनवरी को पार्टी प्रमुख मायावती के जन्मदिन पर 'चलो गांव की ओर' कार्यक्रम शुरू किया गया था ताकि जमीनी स्तर पर मतदाताओं के साथ संवाद बनाया जा सके और उन्हें यह विश्वास दिलाया जा सके। बसपा के पदाधिकारियों की माने तो पार्टी उनकी जरूरतों और समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि, "पार्टी के पास हर विधानसभा क्षेत्र का जाति-वार डेटा है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि हर जिले, गाँव, सेक्टर या बूथ में किस जाति के कितने लोग मौजूद हैं। उस डेटा के आधार पर, नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें से प्रत्येक अति पिछड़ी जाति के पार्टी नेताओं की एक प्रमुख भूमिका होती है, जो कि उनकी जाति और समुदाय के लोगों को जुटाना और उन्हें इन बैठकों में शामिल करना है।''
यही कारण है कि नेताओं का एक संयोजन इन बैठकों को संबोधित कर रहा है। यदि एक मुस्लिम नेता है तो दूसरा सबसे पिछड़ी जाति से हो सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मवीर चौधरी ने कहा कि,
सबसे पिछड़ी जाति से आने वाले बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल पहले ही मंडल स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। गांवों में भी नुक्कड़ सभाएं नियमित रूप से हो रही है।
बसपा सरकार में हुए काम गिना रही पार्टी
बसपा के एक नेता ने बताया कि नुक्कड़ सभाओं का उद्देश्य इन मतदाताओं को यह विश्वास दिलाना है कि गरीबों के लिए आवास, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने वाली कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बसपा सरकार ने उनके उत्थान के लिए सबसे अधिक काम किया है। अतीत में मायावती के शासन के दौरान कानून और व्यवस्था की स्थिति और कोई सांप्रदायिक दंगे नहीं थे, यह भी मतदाताओं के साथ साझा की गई उपलब्धियों में शामिल है।












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