'चौके-छक्के, नो बॉल-वाइड' हो गए सट्टे के पुराने राज, अब सामने आया 'Kanpur the misGreen Park'
अभी तो एक मैच 10 मई को हुआ और एक 13 मई को होना है लेकिन सटोरी महीनों से सक्रीय रहे। पिच की घास नहीं तिजोरी की चाबी कहिए जनाब...पढ़िए 'Kanpur the misGreen Park'
कानपुर। सट्टा बाजार का फेवरेट शो IPL अब कानपुर में उलझ गया है। 'चौके-छक्कों' के बाद 'नो बॉल-वाइड' तो अब सट्टे का नया तरीका ढूंढ़ने वाले भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। ये सट्टे की पिच पहले ही तैयार करवा लेते थे, चौके या छक्का गेंदबाजी नहीं इनकी बदौलत लगा करते थे। गेंद की उछाल पर इनका कंट्रोल होता था और हम सब सोचते थे कि कानपुर का ग्रीन पार्क बल्लेबाजी के लिए अच्छा है। अभी तो एक मैच 10 मई को हुआ और एक 13 मई को होना है लेकिन सटोरी महीनों से सक्रीय रहे। पिच की घास नहीं तिजोरी की चाबी कहिए जनाब...पढ़िए 'Kanpur the mis Green Park'

BCCI और कानपुर पुलिस की जांच शुरू
BCCI की एंटी करप्शन यूनिट और कानपुर पुलिस ने IPL मैचों में सट्टा लगाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करके तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें खुद BCCI का एक कर्मचारी भी शामिल है। सटोरियों के इस गिरोह ने उसी होटल में कमरे बुक कराकर अपना ठिकाना बनाया हुआ था जहां क्रिकेट टीमें भी ठहरी हुई हैं। इसलिए पुलिस अब सटोरियों और खिलाड़ियों के बीच का कनेक्शन भी खोज रही है। अगर ये तथ्य स्थापित हो गया तो मैच फिक्सिंग का भी बड़ा सच सामने आ सकता है।

कमरा नंबर 1733
IPL मैच पहले ही धनकुबेरों के शिकंजे में फंसे हुए हैं और खेल के नाम पर पैसा कमाने का बड़ा जरिया बने हुए हैं लेकिन जिस तरह से इस टूर्नामेंट ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को अपना दीवाना बनाया, अब उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी सामने आने लगी है। कानपुर में भी IPL के सट्टेबाजी का खुलासा हुआ है। कानपुर के ग्रीन पार्क मैदान को गुजरात लायंस की टीम ने अपना होम ग्राउंड बनाया हुआ है। इसके तहत कानपुर को 10 और 13 मई को IPL सीरीज के दो मैचों की मेजबानी करने के लिए चुना गया। बीती रात जब गुजरात लायंस और दिल्ली डेयर डेविल्स दो टीमों के बीच मैच खेला गया तो होटल लैंडमार्क के कमरे में बैठकर अंतर्राष्ट्रीय सटोरिए भी एक खुफिया मैच खेल रहे थे। तभी BCCI की एंटी करप्शन यूनिट को इसकी भनक लग गई। इसके बाद उसने कानपुर पुलिस से संपर्क साधा और होटल लैंडमार्क के कमरा नंबर 1733 में छापा मारा तो वहां से दो सटोरिए विकास चौहान और नयन रमेश शाह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उनके एक साथी रमेश कुमार को ग्रीन पार्क स्टेडियम से पकड़ा गया जो मैच के दौरान व्हाट्सएप से मैच की गुप्त स्थिति की जानकारी दे रहा था।

सामने आ रहे हैं दो खिलाड़ियों के नाम
पुलिस ने सटोरियों के पास से कई मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोनों को खंगालने से देश भर में फैले कई बुकीज के नाम पता चले हैं। पुलिस को ये भी पता चला है कि जहां-जहां IPL मैच हुए हैं, सब जगहों पर जाकर मुंबई के नयन रमेश शाह ने सट्टेबाजी की। शुरुआती जांच में कानपुर पुलिस के सामने दो खिलाड़ियों के नाम भी आ रहे हैं जो इन सटोरियों के संपर्क में थे और सटोरियों के मददगार बने हुए थे। लेकिन पुलिस ने ये दावा नयन शाह और बंटी नाम के एक बुकीज के बीच फोन पर हुई बातचीत के आधार पर किया है।
पुलिस अब मोबाइल फोन से मिले डेटा को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज रही है ताकि इसे अदालती सबूत बनाया जा सके। मोबाईल डेटा से मिली जानकारी के मुताबिक IPL के बुकीज पूरे देश में फैले हुए हैं। इनमें से एक तो अफ्रीका का है जिसने इस समय जयपुर में डेरा डाला हुआ है। अब कानपुर पुलिस और BCCI एंटी करप्शन यूनिट राजस्थान और महाराष्ट के लिए रवाना हो गए हैं।

बुकीज देते थे पिच को सूखा या गीला रखने का ऑर्डर
जब भी होटल लैंडमार्क में क्रिकेट टीमें ठहरती हैं, BCCI पूरा होटल बुक कर लेती है। अब सबसे बड़ा सवाल ये भी है कि ऐसे में सटोरियों का होटल में कमरा कैसे बुक हो गया। कानपुर पुलिस ने इस मामले को जांचने के लिए होटल मैनेजमेंट और BCCI के बीच हुए एग्रीमेंट की कॉपी कब्जे में ले ली है। इसके अलावा पुलिस ने होटल की CCTV फुटेज भी कब्जे में ले ली है और उसमें देखा जा रहा है कि सटोरियों की मुलाकात क्या कभी किसी प्लेयर से हुई थी।
पुलिस को मोबाइल बातचीत से ये भी पता चला है की बुकीज पिच को सूखा या गीला रखने के निर्देश दे रहे थे। इससे इस बात का अंदेशा भी बन रहा है कि सटोरियों और पिच क्यूरेटर के बीच भी कोई सेटिंग रहती थी। बहरहाल पुलिस मैच फिक्सिंग के सभी पहलुओं को टटोल रही है और अगले दो दिनों में क्रिकेट की दुनिया में भूचाल लाने वाली खबरें सामने आ सकती हैं।
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