UP News: मेरठ में गूंजेगी 'हनुमंत कथा', आएंगे धीरेंद्र शास्त्री, उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, जानें डिटेल
UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बार फिर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भव्य दरबार सजने जा रहा है। इस दौरान पांच दिनों तक हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा में लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे, वहीं कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन में 25 मार्च से 29 मार्च तक यह विशाल आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि कथा सुनने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

कथा आयोजन समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसमें करीब दो लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चिकित्सा शिविर भी लगाया जाएगा।
आयोजन स्थल की सुरक्षा को लेकर भी खास तैयारियां की गई हैं। तीन फायर ट्रक और 15 फायर मार्शल तैनात रहेंगे, वहीं पूरे इलाके में 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पार्किंग की व्यवस्था के लिए पांच स्थान चिह्नित किए गए हैं, जिससे यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।
विशेष वीआईपी इंतजाम और नि:शुल्क प्रवेश
हनुमंत कथा में आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है। हालांकि, वीआईपी और वीवीआईपी के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे। समिति के कोर सदस्यों द्वारा ये पास वितरित किए जाएंगे।
भोजन की व्यवस्था के लिए आयोजन स्थल पर पेड फूड स्टॉल लगाए जाएंगे, लेकिन बाहरी खाद्य विक्रेताओं को अनुमति नहीं दी जाएगी। कथा स्थल पर 18 एलईडी स्क्रीन और उन्नत ध्वनि संयंत्र लगाए जा रहे हैं, ताकि दूर बैठे श्रद्धालु भी कथा का आनंद ले सकें।
कथा में शामिल होंगे कई बड़े नेता
आयोजन समिति के अनुसार, कथा में कई राजनेताओं के शामिल होने की संभावना है। अब तक जिन नेताओं की उपस्थिति तय हो चुकी है, उनमें सांसद एवं कथा संरक्षक मनोज तिवारी, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी का नाम शामिल है।
मनोज तिवारी कथा के सभी पांच दिनों तक मेरठ में रहेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। चर्चा यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की भी संभावना है। इसके अलावा, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम, आवास विकास, पावर कॉरपोरेशन समेत विभिन्न सरकारी विभागों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और आयोजन स्थल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।












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