आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव: मायावती के वोट बैंक में सेंध लगा पाएगी बीजेपी ?
लखनऊ, 20 जून: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को प्रंचड बहुमत मिला था। यूपी में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में दूसरी बार सरकार बनी है। आम चुनाव 2024 से पहले यूपी में अब दो सीटों रामपुर और आजमगढ़ में लोकसभा का उपचुनाव हो रहा है। इसके लिए 23 जून को मतदान होना है जिसको लेकर सारी पार्टियों ने अपनी ताकत झोंक दी है। आजमगढ़ के उपचुनाव में खासतौर पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि यहां मायावती ने गुड्डु जमाली को टिकट देकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। लेकिन दूसरी तरफ बीजेपी दलितों में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है क्योंकि वह विधानसभा चुनाव में इसी समीकरण पर काम कर चुकी है।

उपचुनाव में दलितों को भुनाने में जुटी बीजेपी
उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में जिस तरह से बीजेपी ने दलित वोट बैंक में सेंधमारी करने का प्रयास किया था उससे बीजेपी के भीतर ऐसी उम्मीद जगी थी कि आने वाले समय में दलित वोटर बीजेपी के वोटबैंक में तब्दील हो सकते हैं। बीजेपी के पदाधिकारियों का दावा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान आगरा और मेरठ मंडल में बीजेपी को अच्छी खासी संख्या में दलित वोट मिले थे। इसके अलावा पूर्वांचल में भी दलितों का कुछ फीसदी मिला था जिसका फायदा मिला था। अब बीजेपी इसी फार्मूले को आगे बढ़ाने के लिए दलित कोटे से असीम अरूण और बेबीरानी मौर्या को मंत्री बना चुकी है। बीजेपी को उम्मीद है कि जिस तरह से मायावती की साख दलितों के भीतर घट रही है उससे बीजेपी को फायदा मिल सकता है।
बीजेपी ने उतारी मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों की फौज
विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद बीजेपी ने पूरा जोर अब आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में लगा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत यूपी के दर्जन भर मंत्री, सांसद और विधायक आजमगढ़ में प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी ने एक तरफ से सपा के गढ़ में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी के उम्मीदवार निरहुआ के पक्ष में मंत्री लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। आजमगढ़ के चुनाव प्रचार की कमान बीजेपी ने वरिष्ठ नेता सूर्य प्रताप शाही को सौंप रखी है। शाही के नेतृत्व में बीजेपी के नेता निरहुआ को जिताने में पूरे जी जान से जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में छेड़ा नया राग
आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी कवायद तेज कर दी है। योगी ने रविवार को आजमगढ़ में कई रैलियों को संबोधित कर जनता से बीजेपी के उम्मीदवार को जिताने की अपील की। योगी ने इस मौके पर मास्टर कार्ड खेलते हुए कहा कि आजमगढ़ के लोगों को इस बात को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए कि यहां के पुराने नाम की वापसी हो सके। यानी आजमगढ़ को आर्यमगढ़ बनाने की दिशा में लोगों को मतदान करना है। योगी ने संकेतों में ही कहा था कि यदि यहां की जनता ने इसको ध्यान में रखकर मतदान किया तो सरकार उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का काम करेगी।
आजमगढ़ में जमाली की लोकप्रियता का बीजेपी को मिलेगा फायदा
आजमगढ़ के लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की राह आसान हो सकती है क्योंकि बसपा ने जिस गुडुडु जमाली को टिकट दिया है उनकी मुस्लिम समाज में पैठ काफी है। कोविड के समय में भी जमाली ने मुस्लिम समुदाय के बीच काफी काम किया था जिसका लाभ उनको मिल सकता है। बीजेपी की कोशिश है कि मुस्लिम वोटों का बिखराव हो जिससे उनके उम्मीदवार को फायदा मिल सके। बीजेपी के रणनीतिकारों की माने तो मुस्लिम वोट बैंक यदि एकजुट होकर सपा के लिए विधानसभा की तर्ज पर मतदान करेगा तो पार्टी को मुश्किल हो सकती है लेकिन यदि मुस्लिम वोटों का बिखराव सपा और बसपा के बीच हुआ तो बीजेपी को इसका फायदा मिल सकता है।












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