अयोध्या राम मंदिर में नमाज पढ़ने वाला अब्दुल कौन है? इसका कश्मीर से क्या है कनेक्शन
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या के राम मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 10 जनवरी (शनिवार) को राम मंदिर परिसर के अंदर एक शख्स को नमाज़ पढ़ते हुए पकड़ा गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यह घटना मंदिर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े दिए हैं।
ये मामला शनिवार की सुबह का है,जिसमें अयोध्या के राम मंदिर परिसर में नमाज़ पढ़ने की कथित कोशिश के बाद इस शख्स को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षाकर्मियों ने उसे मौके पर ही रोक लिया और बाद में पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, खुफिया एजेंसियां और वरिष्ठ अधिकारियों शख्स से पूछताछ कर रहे हैं और अयोध्या आने के मकसद, नमाज़ पढ़ने की मंशा और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं।

सीता रसोई के पास नमाज पढ़ते हिरासत में लिया गया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख राम मंदिर परिसर में पहुंचा इसके बाद सीता रसोई क्षेत्र के पास बैठकर कथित तौर पर नमाज़ अदा करने की तैयारी की थी। सुरक्षाकर्मियों की नज़र पड़ते ही उन्होंने तत्काल कार्रवाई कर शेख़ को रोका। इस दौरान उसने कथित तौर पर नारे भी लगाए। मंदिर सुरक्षा स्टाफ ने उसे हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को आगे की पूछताछ के लिए सौंप दिया।
कौन हैं अब्दुल अहद शेख?
55 वर्षीय अहमद शेख कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है। तलाशी में शेख के बैग से काजू और किशमिश बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में उसने अजमेर जाने की बात कही थी। शोपियां में अब्दुल अहद शेख के बेटे इमरान शेख ने बताया कि उनके पिता पांच-छह दिन पहले घर से निकले थे और परिवार को अयोध्या यात्रा या घटना की जानकारी नहीं थी।
कश्मीर तक जांच की गई
अयोध्या पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने कश्मीर तक जांच की और अयोध्या पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने शोपियां में अब्दुल के बेटे से पूछताछ की। वहीं पकड़े जाने पर अब्दुल ने बताया कि चार पांच दिन पहले वो घर से निकले थे। जांच टीम को शेख ने बताया कि वह राजस्थान के अजमेर शरीफ जा रहा था। पुलिस को उसके सामान से केवल कुछ सूखे मेवे, जैसे काजू और किशमिश ही मिले हैं।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
इस घटना के बाद, मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और खुफिया एजेंसियां राम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं। जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।












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