अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने उसे...Atiq Ahmed के बेटे के एनकाउंटर पर चाचा अशरफ ने बोली ये बात
गैंगस्टर अतीक अहमद के बेटे असद अहमद के एनकाउंट पर दुखी चाचा अशरफ ने जानिए क्या कहा?

यूपी के बाहुबली गैंगस्टर अतीक अहमद का बेटा असद अहमद और सहयोगी गुलाम झांसी में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस का इरादा अतीक के फरार चल रहे बेटे असद अहमद को जिंदा पकड़ने का था, लेकिन जैसे ही असद और गुलाम ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, स्पेशल टास्क फोर्स न जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसमें दोनों मारे गए। असद अहमद ऐसे समय में मारा गया है जिस दिन उमेश हत्याकांड में असद के गैंगस्टर अब्बू अतीक अहमद और उसके चाचा अशरफ पुलिस कस्टड में प्रयागराज कोर्ट में पेशी के लिए जाए गए थे।
महज 23 साल की उम्र में पुलिस की गोलियों से छलनी हुए असद अहमद की मौत पर उसका गैंगस्टर पिता पूरी तरह टूट गया है। उसे उसके जवान बेटे के एनकांटर में मौत की खबर गुरुवार को मिली तो वो फफक कर रो पड़ा।
कई परिवारों के घरों के लोगों को मौत के घाट उतार चुका माफिया अतीक अहमद बेटे की मौत की खबर सुनकर सुन्न सा पड़ गया है।
शुक्रवार को जब अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को प्रयागराज में पुलिस लेकर जा रही थी, उस समय मीडिया ने उन्हें घेर लिया और असद अहमद को लेकर पत्रकार सवाल करने लगे।
अतीक अहमद जहां कोई भी जवाब देने के बजाय बेसुध सा आगे चलता गया वहीं उसके भाई अशरफ ने झल्काकर दुखी मन से कहा अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने वापस ले ली।
VIDEO | "It was Allah's thing, Allah took it back...," says Ashraf, brother of gangster Atiq Ahmad, on the encounter of his nephew Asad. Atiq remained silent on media's questions over the encounter of his son. pic.twitter.com/fW0n1KYkMk
— Press Trust of India (@PTI_News) April 14, 2023
बता दें अतीक अहमद का तीसरे नंबर का बेटा असद और उसका सहयोगी गुलाम की लॉस्ट लोकेशन पुलिस को अजमेर मिली थी। फरार होने के लगभग 44 दिन बाद गुरुवार को बिना रजिस्टर्ड नंबर की मोटरसाइकिल पर देखा गया।
एफआईआर में कहा गया है कि जब पुलिस टीमों ने उन्हें रुकने के लिए कहा, तो वे नहीं रुके और इसके बजाय एक कच्ची सड़क पर भाग गए और सड़क किनारे झाड़ी में फिसल गए।
विरोध किए जाने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों को जोर-जोर से गाली दी और 'मारने के इरादे से' गोलियां चला दीं।
पुलिस ने अंधाधुंध गोलीबारी के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें जिंदा पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी जिसमें असद और उसका सहयोगी मारा गया।
एसटीएफ और पुलिस की टीमों के सदस्यों जिन्होंने उन्हें घेर लिया था एफआई में लिखा है कि अपनी जान की परवाह किए बिना अपने फायरिंग रेंज के भीतर पहुंचने की कोशिश की और उन्हें जिंदा पकड़ने की कोशिश की, लेकिन अंधाधुंध फायरिंग को देखते हुए उन्हें आत्मरक्षा में उन पर जवाबी फायर करना पड़ा।












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