अतीक अहमद को छुड़ाने के प्लान में था असद, स्पेशल डीजी बोले- हमारे पास था हमले का इनपुट
Asad Ahmed Encounter: गुलाम ने आज दोपहर के करीब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की एक टीम पर गोलियां चलाईं और जवाबी कार्रवाई में गुलाम के साथ असद भी मारे गए।

उत्तर प्रदेश के झांसी में माफिया डॉन अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और उसके सहयोगी गुलाम के एनकाउंटर के बाद अब राज्य के स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि दोनों बदमाशों के पास खतरनाक विदेशी हथियार थे। हमें इनपुट मिला था कि दोनों अतीक अहमद को छुड़ाने के लिए काफीले पर हमले करने की फिराक में भी थे।
अतीक अहमद को छुड़ाने की थी आशंका
स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि अतीक अहमद और एक और अपराधी को वारंट बी के माध्यम से साबरमती और बरेली जेल से लाया जा रहा था। कॉनवॉय पर हमले की आशंका थी, ऐसी सूचना थी की साबरमती और बरेली जेल से अपराधियों को छुड़ाया जा सकता है। ऐसे में हमने तुरंत एक्शन लिया।
असद अहमद के हाथ में थे खतरनाक विदेशी हथियार
असद अहमद के हाथ में वॉल्थर पी88 (Walther P88) पिस्टल थी। जबकि शूटर गुलाम के हाथ में ब्रिटिश बुल डॉग रिवॉल्वर (British Bull Dog Revolver) थे। दोनों ही खतरनाक हथियार थे। यह असल में एक पॉकेट रिवॉल्वर था जिसे आराम से पॉकेट में छिपाया जा सकता था।
पहचान पत्र दिखाने के दौरान अपराधियों ने की फायरिंग
इस ऑपरेशन को यूपी एसटीएफ ने अंजाम दिया, इसमें दो डिप्टी एसपी शामिल रहे। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक पुलिस शामिल थी। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को दोपहर करीब 12.45 बजे बाइक पर सवार दो लोगों को रोका गया, जिन्होंने पहचान पत्र जांचने के लिए कहने पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवाबी एनकाउंटर किया गया जिसमें दोनों मारे गए।
कौन था असद अहमद
बता दें कि असद अहमद (Asad Ahmed) माफिया से राजनेता बना अतीक अहमद का बेटा था। लेकिन, 24 फरवरी को प्रयागराज की एक व्यस्त सड़क पर दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या करने वाले आधा दर्जन शूटरों का नेतृत्व करने के बाद अब वह उत्तर प्रदेश का 'मोस्ट वांटेड' लिस्ट में शामिल हो गया था। उसके ऊपर पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया था।












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