पीएम से गले मिलने पर अखिलेश यादव ने 'दोस्त' राहुल को दी एक शेर के जरिए नसीहत
लखनऊ। संसद में शुक्रवार को हुए अविश्वास प्रस्ताव में बहस के दौरान राहुल गांधी अपना भाषण खत्म करके पीएम मोदी से गले लगने के लिए उनकी सीट पर गए। मोदी सीट पर बैठे रहे और राहुल उनके गले लग गए। ये घटना पूरे देश में सुर्खियों में बनी रही। अलग-अलग नेताओं ने राहुल के मोदी से गले लगने की व्याख्या अपने अपने ढंग से की। अब इस मामले में राहुल के राजनीतिक मित्र और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई है।

कौन सा शेर ट्वीट किया
उन्होंने एक शेर ट्वीट करते हुए लिखा कि 'कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से , ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो'। यह बशीर बद्र का शेर है। हालांकि उन्होंने इस टवीट के साथ उन्होंने शुक्रवार को लोकसभा में हुई घटना के बारे में एक लाइन भी नहीं लिखी लेकिन कयास ये लग रहे हैं कि अखिलेश का यह ट्वीट लोकसभा में हुई उस घटना के बारे में ही है।
राहुल गए गले लगने
लोकसभा में राहुल गांधी खासे हमलावर थे। उन्होंने पीएम पर कई निजी हमले किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि पीएम मोदी के मन में मेरे लिए गुस्सा है लेकिन मेरे मन में मोदी के लिए किसी प्रकार का गुस्सा नहीं है। इसके बाद वह अचानक मोदी की सीट की तरफ चले गए। राहुल ने मोदी से सीट से उठने का इशारा किया। जब तक मोदी कुछ समझ पाते तक तक राहुल उनके गले लग गए।
आई मिलीजुली प्रतिक्रिया
जब राहुल उनसे गले लगकर वापस जाने लगे तो मोदी ने उन्होंने बुलाया। हाथ मिलाकर पीठ थपथपाई। बाद में उनके इस काम की मिली जुली प्रतिक्रिया होती रही। कुछ नेताओं के अनुसार राहुल गांधी ने ठीक किया तो कुछ ने कहा कि उन्होंने सदन में पीएम पद की गरिमा नहीं रखी। उन्हें पीएम से इस तरह हाथ से उठने का इशारा नहीं करना चाहिए था।
बाद में पीएम ने किया कटाक्ष
राहुल गांधी के इस व्यवहार का मजाक उड़ाते हुए पीएम मोदी ने अपने ही अंदाज में तंज किया था। पीएम मोदी ने कहा, 'वे हैरान हैं कि आज सुबह जब अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा प्रारंभ ही हुई थी, मतदान भी नहीं हुआ था, जय या पराजय का फैसला भी नहीं हुआ था। जिन्हे यहां पहुंचने का उत्साह है कि उठो उठो उठो, न यहां कोई उठा सकता है न बिठा सकता है। सिर्फ सवा सौ करोड़ देशवासी ही ऐसा कर सकते हैं। इतनी जल्दबाजी क्या है।'












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