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यूपी विधानसभा में LoP का पद छोड़ेंगे अखिलेश यादव, जानिए किसे मिलेगी यह बड़ी जिम्मेदारी

लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव यूपी विधानसभा से इस्तीफा सौंपेंगे। वह करहल विधानसभा सीट से विधायक हैं। लेकिन कन्नौज से लोकसभा चुनाव में जीत के बाद वह करहल सीट से इस्तीफा दे देंगे।

नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक ही संसदीय क्षेत्र से प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ऐसे में जिस तरह से लोकसभा चुनाव में अखिलेश की अगुवाई में सपा ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की है, उसके बाद वह राष्ट्रीय राजनीतिक में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं।

akhulesh yadav

देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी सपा

इस चुनाव में समाजवादी पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी और यूपी की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा और कांग्रेस के बाद सबसे अधिक सीट सपा ने जीती है। भाजपा ने जहां 240, कांग्रेस ने 99 तो सपा ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की है।

इसके साथ ही यूपी चुनाव में सपा का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। पार्टी ने प्रदेश में 33 फीसदी से अधिक वोट हासिल किए हैं। सपा के जबरदस्त प्रदर्शन की वजह से प्रदेश में भाजपा 62 से 33 सीटों पर सिमट गई।

यूपी विधानसभा में अखिलेश यादव ने नेता प्रतिपक्ष हैं, ऐसे में उनकी जगह यह जिम्मेदारी पार्टी के किसी और वरिष्ठ नेता को मिल सकती है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि अखिलेश की जगह यूपी विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष के तौर पर कौन लेगा।

शिवपाल बन सकते हैं नेता प्रतिपक्ष

माना जा रहा है कि अखिलेश यादव इस पद के लिए अपने चाचा शिवपाल यादव को चुन सकते हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। सपा के सबसे वरिष्ठ नेता के साथ ही शिवपाल यादव परिवार के वरिष्ठ सदस्य और मुलायम सिंह के भाई हैं। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि शिवपाल ही नेता प्रतिपक्ष का पद संभालेंगे।

कन्नौज से जीते अखिलेश

यादव परिवार के गढ़ कन्नौज को एक बार फिर से सपा के खाते में लाने में अखिलेश यादव ने इस चुनाव में सफळता हासिल की है। इस चुनाव में अखिलेश को कन्नौज से 642292 वोट मिले हैं। उन्होंने भाजपा के सुब्रत पाठक को एक लाख से अधिक वोटों से मात दी है।

इससे पहले तेज प्रताप यादव को यहां से लोकसभा का टिकट दिया गया था। लेकिन बाद में पार्टी कार्यकर्ताओं के असंतोष को देखते हुए सीट पर बदलाव किया गया। कार्यकर्ता चाहते थे कि अखिलेश यादव यहां खुद चुनाव लड़े, जिसके बाद खुद अखिलेश यादव ने यहां से मोर्चा संभाला।

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