• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
Oneindia App Download

मदरसों के सर्वे के बाद वक्फ़ बोर्ड को लेकर गरमायी UP की राजनीति, जानिए इसके मायने

|
Google Oneindia News

लखनऊ, 21 सितंबर: उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले एक महीने में मुस्लिम समाज को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए हैं जिनको लेकर विवाद पैदा हो गया है। सरकार ने पहले यूपी में मदरसों का सर्वे कराने का फैसला किया तो असद्दुीन ओवैसी इने इसी मिनी एनआरसी बता दिया था। इसके बाद अब यूपी सरकार ने राज्य में सभी वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है। विपक्ष ने सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे "केवल हिंदू-मुस्लिम मुद्दे में लोगों को उलझाने" का प्रयास बताया है तो सरकार ने भी विपक्ष को यह कहकर आइना दिखा दिया है इसके पीछे सरकार की मंशा नेक है।

बीजेपी

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को भेजा लेटर

दरअसल मंगलवार को, यूपी सरकार ने 1989 के सरकारी आदेश को पलट दिया, जिसमें बंजर भूमि या उसर भूमि का वक्फ संपत्ति के रूप में स्वत: पंजीकरण अनिवार्य था। यूपी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और आयुक्तों को 7 अप्रैल 1989 से वक्फ के तहत पंजीकृत सभी संपत्तियों के दस्तावेजों की दोबारा जांच करने और ऐसी जमीनों की स्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि कब्रिस्तान, मस्जिद और ईदगाह की जमीन का ठीक से सीमांकन किया जाए, क्योंकि 1989 के अध्यादेश के आधार पर कई ऐसी संपत्तियां जो राजस्व रिकॉर्ड में उसर, बंजार और भीता थीं, उन्हें भी वक्फ संपत्ति घोषित किया गया था।

आदेश की आड़ में भारी अनियमितता के आरोप

सूत्रों ने बताया कि इस आदेश की आड़ में कुछ कृषि योग्य भूमि भी स्वत: ही वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत हो गई। सरकार का कहना है कि मुस्लिम वक्फ अधिनियम 1960 के तहत कोई भी वक्फ संपत्ति अपने आप पंजीकृत नहीं हो सकती है। जबकि 1989 के आदेश में यह बात सामने आई है कि वक्फ बोर्ड में बिना किसी आवेदन के कई संपत्तियां पंजीकृत की गईं, यही वजह है कि अध्यादेश जारी किया गया।

जनता को हिन्दू-मुस्लिम में उलझाना चाहती है बीजेपी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण के फैसले को लेकर राज्य में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर निशाना साधा। "हम राज्य सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण के खिलाफ हैं। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। इस सरकार को केवल हिंदू-मुस्लिम मुद्दे में लोगों को उलझाना है। मदरसों का सर्वेक्षण करने वाले लोग भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बना देंगे?"

बीजेपी ने अखिलेश के वार पर किया पलटवार

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "अखिलेश यादव मुद्दों से भटक गए हैं। उन्हें केवल माफिया, उपद्रवियों और दंगाइयों का समर्थन है। मुस्लिम समुदाय को वक्फ संपत्तियां नहीं मिलीं। ऐसी संपत्ति केवल माफिया के पास गई।" मौर्य ने कहा कि अगर सर्वेक्षण से सच्चाई सामने आती है और संपत्तियां खाली कर दी जाती हैं, तो सरकार गरीब मुसलमानों को लाभ पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा, 'सरकार की मंशा नेक है लेकिन जो नेता तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं, जैसे अखिलेश यादव और अन्य, हमें उनकी स्थिति की परवाह नहीं है।'

यह भी पढ़ें-क्या 2024 से पहले यह भी पढ़ें-क्या 2024 से पहले "युनाइटेड विपक्ष" के विकल्प को जिंदा रखना चाहती हैं मायावती ?

Comments
English summary
After the survey of madrasas, the politics of UP heats up regarding the Waqf board
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X