UP में 'ग्लोबल इन्वेस्टर समिट': CM योगी ने अफसरों को पकड़ाया टास्क, जानिए किन देशों में होगा रोड शो
लखनऊ, 19 जुलाई: उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों पहले ही सरकार ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भव्य आयोजन किया था। इसमें पीएम मोदी भी शामिल हुए थे। इस दौरान मोदी ने कहा था कि यूपी देश का ग्रोथ इंजन बन सकता है। पीएम मोदी के इस दावे को हकीकत में बदलने की तैयारी अब योगी आदित्यनाथ ने शुरू कर दी है। सरकार ने अब ग्लोबल इन्वेस्टर समिट कराने का निर्णय लिया है जिसमें दस लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कई देशों में रोड शो भी आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों की माने तो यह इन्वेस्टर समिट अगले साल 23 जनवरी को कराई जाएगी। इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है 23 जनवरी को यूपी दिवस मनाया जाता है।

ग्लोबल समिट को लेकर योगी ने अफसरों को पकड़ाया टास्क
यूपी में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के सफल आयोजन के बाद अब योगी ने इसे ग्लोबल स्तर पर पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है। सीएम ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समिट का खाका तैयार किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो इस समिट को लेकर अपनी तैयारियों में जुट जाएं। अधिकारियों ने बताया कि यूपी में तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेसटर समिट का आयोजन कराया जाएगा और इसमें खासतौर पर एमएसएमई के लिए रखा जाएगा।

प्रवासी भारतीयों को समिट में आकर्षित करने की कोशिश
दरअसल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के माध्यम से सरकार प्रवासी भारतीय समुदाय को भी चिन्हित करेगी और उनको इस समिट में बुलाने का काम करेगी। अधिकारियों की माने हर साल जनवरी में ही यूपी में भारतीय प्रवासी दिवस का आयोजन किया जाता है। इसको लेकर तर्क ये है कि इस कार्यक्रम को भी उसी के साथ कराया जा सकता है। प्रवासी भारतियों को चिन्हित करने का काम अधिकारियों को सौंपा गया है। अधिकारी एसे प्रवासियों को चिन्हित करने का काम करेंगे जो अपने राज्य में निवेश करने के इच्छुक होंगे। सीएम ने अधिकारियों को यूके, यूएसए, कनाडा, यूएई, स्वीडन, सिंगापुर, नीदरलैंड, इज़राइल, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, मॉरीशस, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रोड शो आयोजित करना शुरू करने का निर्देश दिया है ताकि इस आयोजन को लेकर चर्चा हो सके।

UP में लैंड बैंक बढ़ाने पर फोकस करेग सरकार
दरअसल पिछले महीने सिंगापुर के राजदूत साइमन वोंग के साथ एक बैठक में विदेशी अधिकारी ने ग्लोबल इन्वेसटर समिट के लिए पहला भागीदार देश बनने की पेशकश की थी। अधिकारियों के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यूपी में उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए राज्य में मौजूदा भूमि बैंक का विस्तार किया जाना चाहिए। वर्तमान में, राज्य के पास लगभग 1 लाख हेक्टेयर भूमि बैंक है। दरअसल 2017 और 2022 के बीच अपनी सरकार के पहले पांच वर्षों में योगी सरकार ने 4.68 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित करने का दावा किया था, जिसमें से लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश को निष्पादित करने का काम किया गया है।

यूपी दिवस के अवस पर होगी ग्लोब्ल इन्वेसटर समिट
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अब 23 जनवरी को ही यूपी दिवस के मौके पर ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा। दरअसल पहले यूपी दिवस नहीं मनाया जाता था लेकिन यूपी के गर्वनर रहे राम नाइक ने अपने समय में यूपी दिवस मनाने की परम्परा की शुरूआत की थी। योगी सरकार से पहले यूपी में रही अखिलेश सरकार के सामने नाइक ने यूपी दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन सरकार ने इस परम्परा को नहीं शुरू किया। 2017 में जब सरकार बदली तो राम नाइक ने ये प्रस्ताव योगी के सामने रखा तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। तब से यूपी में 23 जनवरी को यूपी दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

6 साल में तीन ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी करा चुकी है योगी सरकार
दरअसल उत्तर प्रदेश में 2017 में जब योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बीजेपी की सरकार बनी तभी से यूपी में निवेश लाने की कवायद शुरू हो गई थी। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर यूपी में 6 सालों में इस बार तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का अयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में 80 हजार की परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ था जिसे अगले पांच साल में इन परियोजनाओं को धरातल पर उतरने की कोशिश की जायेगी। इससे पहले योगी के पहले कार्यकाल में भी 2 बार इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया था।












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