अयोध्या में सरयू तट पर दीप जलाने के बाद अब आदित्यनाथ पहुंचेंगे चित्रकूट

इलाहाबाद। अयोध्या एक बार फिर अयोध्या खूब चर्चा में है। वजह हैं सीएम आदित्यनाथ और उनका अयोध्या में रामावतरण आयोजन। सोशल मीडिया से लेकर मुख्य धारा की प्रिंट डिजिटल व इलेक्ट्रानिक मीडिया पर कहीं सीएम की तारीफ कसीदे पढे जा रहे हैं। कहीं व्यंग्य और कटाक्ष हो रहा है। तो कहीं सीधे सीधे निशाना भी बनाया जा रहा है। लेकिन इन सब के बीच सीएम आदित्यनाथ अपनी लोकप्रियता को दिन दूना रात चौगुनी बढ़ा रहे हैं। आदित्यनाथ आदित्यनाथ अपनी छवि के अनुरूप न सही, लेकिन विपरीत भी नहीं हैं। उनका ऐजेंडा आज भी हिंदुत्व है। जिसे भुनाने के लिये पहले उन्हे गुजरात ले जाया गया और फिर सीधे पूरे देश को सीएम आदित्यनाथ का वह रूप देखने को मिला। जिससे उन्हें पहचान मिली। यानी गोरखनाथ मंदिर के महंत के तौर पर। फिर अयोध्या में हेलीकॉप्टर से राम का आना, दीपक से राम वापसी की पौराणिकता को जीवंत करना। अपनी रामनीति को वह तब और प्रबल करते नजर आते हैं। जब उनकी नयी यात्रा और आयोजन में एक और रामस्थल सामने आता है।

अब चित्रकूट पहुचेंगे योगी

अब चित्रकूट पहुचेंगे योगी

सीएम आदित्यनाथ चित्रकूट जा रहे हैं। सरयू तट पर दीप जलाने के बाद मंदाकिनी की छटा को भी भगवा रंग में प्रकाशमान करनी की तैयारी पूरी हो चुकी है। दो दिवसीय दौरे के दौरान सीएम यहां रात्रि विश्राम भी करेंगे और अब चित्रकूट में वनवासी राम को ढूंढेगें। यह दोबारा ऐसा मौका होगा। जब आदित्यनाथ के सहारे एक और रामस्थल चर्चा में आयेगा। पूरी दुनिया आदित्यनाथ के सहारे उनकी नजर से चित्रकूट को देखेगी। मीडिया की पहुंच लोगों के बीच राम के सहारे आदित्यनाथ की न सिर्फ लोकप्रियता बढायेगी। बल्कि चुनाव में राम ऐजेंडे को फिर से धार देगी। इसमे कोई शक नहीं की राम ऐजेंडे की धार कुंद है।

अब लोगों के बीच जा रहा है यह संदेश

अब लोगों के बीच जा रहा है यह संदेश

जिसे सीएम आदित्यनाथ तेज कर सकते हैं और कर रहे हैं। लोगों के बीच अब यह सीधा संदेश जा रहा है कि बीजेपी की आदित्यनाथ सरकार सिर्फ अयोध्या को लेकर ही नहीं बल्कि रामलला के प्रत्येक स्थलों को एक नया आयाम देने के लिये प्रतिबद्ध है। वैसे भी यह हमेशा से कहा जाता रहा हे कि बीजेपी चुनाव से पहले राम राग अलापती है। उसे चुनाव से पहले ही राम और राम मंदिर याद आता है। बीजेपी ने भी साफ कर दिया है कि उसके ऐजेंडे में हमेशा से राम मंदिर रहा है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट से पहले आदित्यनाथ लीला क्या क्या रूप दिखायेगी। यह तो वक्त बतायेगा। लेकिन यह तय है कि एक बार फिर पूरा देश त्रेतायुग की भूली बिसरी यादों को संजोने वाला है।

राम लीला स्थल की महिमा योगी के सहारे देखेगा देश

राम लीला स्थल की महिमा योगी के सहारे देखेगा देश

चित्रकूट में वनवासी राम को ढूंढती सीएम आदित्यनाथ की आंखों के सहारे पूरा देश राम के लीला स्थल की महिमा देखेगा। आपकी जानकारी के लिये बता दें चित्रकूट वह स्थल है , जहां प्रयाग से जाने के बाद भगवान राम ने लगभग 11 वर्ष बिताये थे। इस बात का बकायदा जिक्र वाल्मीकि रामायण में है।

आदित्यनाथ सरकार की नीति है कि...

आदित्यनाथ सरकार की नीति है कि...

यहां पर कामद गिरि पर्वत, हनुमान धारा, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम, जानकी कुंड, भरत कूप व रामघाट जैसे ऐसे स्थल हैं। जिनकी ख्याति विश्वव्यापित है। परन्तु भगवान राम की पहचान से जुड़े ये स्थल उतने चर्चा में नहीं आ पाते जितनी की अयोध्या। लेकिन अब आदित्यनाथ सरकार की नीति है कि लोग इसके महत्व को जाने और उनके मन में इन स्थलों से राम आंदोलन को जागृत किया जाये।

यहां बयार ला सकती है आदित्यनाथ सरकार

यहां बयार ला सकती है आदित्यनाथ सरकार

चूंकि राम मंदिर निर्माण तो कोर्ट के आदेश पर टिका है। लेकिन इन स्थलों पर तो आदित्यनाथ सरकार आस्था की बयार ला सकती है। साथ ही सीधे अपने हिंदू वोट बैंक को आकर्षित करेगी। फिर पूरे चित्रकूट में भगवा दल कोर संजीवनी मिल चुकी है। संत महात्मा स्वागत कोर तैयार हैं। रातो रात चित्रकूट चमकाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन भी कमर कस चुका है। बस कल से राम के इस अद्भुत प्रवास स्थल से हिंदुत्व का संदेश पूरे देश को पहुंचने वाला है। जो धर्मनीति से भले ही यथार्थ न रखता हो। राजनीति के शब्द पर पूरा खरा सोना है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+