यूपी हिंसा मामले में दर्ज हुई 13 FIR और 304 आरोपी अरेस्ट, सबसे ज्यादा प्रयागराज में हुई गिरफ्तारी
यूपी हिंसा मामले में दर्ज हुई 13 FIR और 304 आरोपी अरेस्ट, सबसे ज्यादा प्रयागराज में हुई गिरफ्तारी
लखनऊ, 12 जून: 10 जून को जुमे की नामाज के बाद उत्तर प्रदेश के 09 जिलों में हिंसा भड़क गई थीं। इस मामले अब उत्तर प्रदेश पुलिस का सख्त एक्शन जारी है। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने रविवार 12 जून को जानकारी साझा करते हुए बताया कि नमाज के बाद जगह-जगह हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 13 एफआईआर दर्ज की है और अभी तक 304 लोगों को गिरफ्तार किया है। तो वहीं, अब भाजपा से निलंबित किए गए नवीन कुमार जिंदल ने अब खुद की और अपने परिवार को जान को खतरा जताया है।
Recommended Video

अभी तक यह हुई कार्रवाई
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि 10 जून को राज्य में हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में अब तक कुल 304 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें प्रयागराज से 91, सहारनपुर से 71, हाथरस से 51, मुरादाबाद से 34, फिरोजाबाद से 15 और अंबेडकरनगर से 34 लोग है और 13 एफआईआर दर्ज हुई है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
एडीजी कानपुर-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने शनिवार को बताया था कि 10 जून को पूरे प्रदेश में जो हिंसक घटना हुई है उसमें अभी तक 230 व्यक्तियों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है। स्थिति अभी नियंत्रण में है। दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी तथा उनकी संपत्ति को भी जब्त करने की कार्रवाई होगी। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को जो क्षति हुई है उसकी वसूली भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
नवीन कुमार जिंदल ने जताया जान का खतरा
पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करने के आरोप में पार्टी से निष्कासित किए गए बीजेपी नेता नवीन कुमार जिंदल ने अपने परिवार पर खतरा बताया है। शनिवार को ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं सभी से आग्रह करता हूं कि मेरे और मेरे परिवार के बारे में कोई भी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। मेरे अनुरोध के बावजूद, कई लोग मेरा पता सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। मेरे परिवार को इस्लामी कट्टरपंथियों से खतरा है।'
उपद्रवियों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उपद्रवियों पर कार्रवाई ऐसी हो, जो असामाजिक सोच रखने वाले सभी तत्वों के लिए एक उदाहरण बने और माहौल बिगाड़ने के बारे में कोई सोच भी न सके। हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। ऐसे में हमें सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना होगा। धर्मगुरुओं/सिविल सोसाइटी से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखने के साथ-साथ उपद्रवियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी जारी रखी जाएगी। कोई भी तत्व अगर क़ानून को अपने हाथों में ले रहा है या कोई भी संगठन हो उसके ख़िलाफ़ सख्ती से निपटने की कार्रवाई ज़िला स्तर पर हो। हर गतिविधी पर मजबूती के साथ उसका संज्ञान लिया जाए। उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications