UPTET- 2021 पेपर लीक मामला: साल्वर गैंग का मुख्य आरोपी चढ़ा STF के हत्थे, 25 हजार का था इनामी
लखनऊ, 26 मार्च। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी-2021 ( (UP-TET 2021) पेपर लीक मामले में STF की कार्रवाई लगातार जारी है। एसटीएफ टीम ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को प्रयागराज के झूंसी इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर यूपीटीईटी परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में मुख्य आरोपी है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपी पर 25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 (UPTET 2021) पेपर आउट मामले के मुख्य आरोपी अजय देव सिंह पटेल को एसटीफ ने गिरफ्तार कर लिया है। STF ने यह कार्रवाई प्रयागराज जिले के झूंसी इलाके में की है। आरोपी अजय देव सिंह पटेल पुत्र मान बहादुर सिंह पर शासन को ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। झूंसी इलाके में आरोपी की होने की सूचना पर पहुंचे STF की टीम ने अजय को दबोच लिया।
इससे पहले 8 नवंबर 2021 को STF की ओर से थाना क्षेत्र झूंसी से ही मामले में आरोपी अभिषेक सिंह, अनुराग और सत्य प्रकाश सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से UPTET का लीक हुआ पेपर भी बरामद किया गया था। यह पेपर आरोपियों ने अजय देव सिंह को व्हाट्सएप के जरिए भेजा था। मामले में अजय सिंह विरुद्ध झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।जिसके बाद से आरोपी अजय फरार चल रहा था।
2 लाख में परीक्षा पास कराने का होता था सौदा
एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि परीक्षा में पेपर आउट करवाने के बाद साल्वर गैंग के पास उत्तर कुंजी भेजी जाती थी। गिरोह को अमित वर्मा द्वारा संचालित किया जा रहा था। इसके माध्यम से विभिन्न परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से पैसा लेकर पेपर आउट कराने का कार्य किया जाता था। गिरोह से सदस्य मिलकर परीक्षाओं में साल्वर को बैठाने का काम भी करते थे। एसटीएफ को अजय ने बताया कि ब्लूटूथ व अन्य डिवाइस का भी सहारा लिया जाता था। एक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए 50 हजार एडवांस लिया जाता था, जबकि पूरा सौदा करीब 2 लाख रुपए में होता था।
2021 में हुआ था UPTET पेपर लीक
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर नवंबर 2021 में लीक हुआ था। मामला दर्ज होने के बाद नोएडा एसटीएफ ने 30 नवंबर को टीईटी का पेपर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिक अनूप राय प्रसाद को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। अनूप राय के कबूलनामे के बाद उन्हें पेपर छापने का ठेका देने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारी संजय उपाध्याय को एसटीएफ ने 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि अनूप और संजय के बीच नोएडा के एक होटल में पेपर छापने की डील हुई थी। जिसके बाद यह पेपर लीक हुआ। मामले मुजफ्फरनगर निवासी बलराम उर्फ बबलू को भी गिरफ्तार किया था। जिनके पास से पुलिस को महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल हुए थे।












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