कैबिनेट मंत्री ने नहीं दिया कर्जमाफी प्रमाणपत्र, किसान ने जहर खाकर दी जान

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महोबा। उत्तर प्रदेश में एक तरफ योगी सरकार किसानों को कर्जमाफी के प्रमाणपत्र बांट रही है, दूसरी तरफ इसमें कई गड़बड़ियों की खबरें सामने आ रही हैं। कइयों को कर्जमाफी प्रमाणपत्र नहीं दिया गया जिस वजह से किसान खुदकुशी कर रहे हैं। महोबा में कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने रविवार को ऋणमोचन प्रमाणपत्र बांटे थे। प्रमाणपत्र न मिलने से आहत उनकी सभा से लौटे एक किसान ने जहर खाकर जान दे दी है।

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मंत्री की सभा से निराश लौटा था चैनू

मंत्री की सभा से निराश लौटा था चैनू

प्रशासन की लापरवाही और कलेजे को झकझोर देनेवाली यह घटना महोबा के महोबकंठ क्षेत्र की है। यहां का किसान चैनू रविवार को कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान की सभा में गया था। वहां मंत्री ने कई किसानों को एक लाख रुपए तक के कर्जमाफी प्रमाणपत्र वितरित किए। दावा किया गया कि लगभग दस हजार किसानों को इससे फायदा मिला लेकिन उस सभा से महोबकंठ का चैनू निराश लौटा था।

जहर खाकर कर ली खुदकुशी

जहर खाकर कर ली खुदकुशी

चैनू कर्जमाफी प्रमाणपत्र पाने के लिए सभा में गया था लेकिन उसे नहीं दिया गया जिससे वह काफी आहत हुआ। दो एकड़ भूमि का काश्तकार चैनू ने किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक से कर्ज ले रखा था। वह सभा से घर लौटा और जहर खाकर उसने जान दे दी।

योजना से किसानों का उड़ रहा मजाक

योजना से किसानों का उड़ रहा मजाक

योगी सरकार की इस योजना में प्रशासन की लापरवाहियां सामने आई हैं। महोबा के ही सभा में कई किसानों के 100, 200 रुपए माफ किए गए। हमीरपुर में 10 रुपए, इटावा में 3 रुपए तो शाहजहांपुर में 1.50 रुपए कर्ज माफ किए गए। मामले के खुलासे के बाद योगी सरकार की किरकिरी हो रही है।

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English summary
A farmer committed suicide after failed to get loan waiver certificate in Mahoba, Uttar pradesh.
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