योगी सरकार की कर्जमाफी में नहीं आता था यह किसान, कर ली आत्महत्या

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

इलाहाबाद। कर्ज के चलते मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन और मौत के बीच यूपी में भी कर्ज से मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। यूपी के कौशम्बी में कर्ज में डूबे किसान रामबाबू ने फांसी लगा ली है। घटना के बाद अब इस मौत ने राजनैतिक रूप लेना शुरू कर दिया है। यूं तो यह घटना दो दिन पहले की है जब किसान रामबाबू ने आम के बाग में फांसी लगा कर जान दे दी थी। मंगलवार की सुबह उनकी लाश मिली थी। पहले तो इस घटना को सामान्य आत्महत्या ही माना गया। लेकिन जब रामबाबू की मौत के पीछे का कारण परिजनों ने बताया तो एकाएक मामले ने रुख बदल लिया। बेटे देवेंद्र ने बताया की पिता जी ने बैंकों से कर्ज लिया हुआ था लेकिन इस बार आलू की खेती लागत भी नहीं दे रही है। बैंक और सोसायटी की कर्ज वापसी की नोटिस से पिता जी बहुत परेशान थे जिससे उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

कर्ज से था परेशान

कर्ज से था परेशान

कौशाम्बी के चक बख्तियारा गांव निवासी किसान रामबाबू द्विवेदी ने खेती के लिए बैंक व सोसायटी से कर्ज ले रखा था। उम्मीद थी की इस बार फसल अच्छी होगी तो एक झटके में सब कर्ज अदा हो जायेगा। इधर आलू की फसल चौपट हुई तो सरकार से कर्ज माफी की भी उम्मीद थी लेकिन वह योगी सरकार के बनाये नियम के दायरे में नहीं आ रहा था। तारीखों के फेर में उसका कर्ज माफ नहीं हो सकता था। गरीबी और तंगहाली से परेशान जब रामबाबू के लिए सारे रास्ते बंद नजर आये तो उसने जान देने की ठान ली। समोवार की रात में वह किसी वक्त घर से निकला और मंगलवार की सुबह उसकी लाश आम के बाग में मिली।

आर्थिक मदद के साथ शुरू हुई राजनीति

आर्थिक मदद के साथ शुरू हुई राजनीति

कर्ज में डूबे किसान की मौत के बाद सुबह से ही नेताओं का जमावड़ा लग गया है। सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव के साथ पूर्व सासंद शैलेंद्र पहुंचे। उन्होंने सपा पार्टी की ओर से परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ भाजपा पर जमकर हल्ला बोला। वहीं दोपहर में बसपा नेता राजू गौतम भी पीड़ित परिवार से मिले। कुछ देर बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी वीके मिश्र, एसडीएम सिराथू विवेक चतुर्वेदी अदि भी गांव पहुंचे। डीएम ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी। डीएम ने एसडीएम से किसान द्वारा लिए गए लोन का पूरा ब्यौरा मांगा है। मौके पर पहुंची अपना दाल कृष्णा गुट की राष्ट्रीय महासचिव पल्लवी पटेल ने परिजनों संग लम्बी बातचीत की और मदद का आश्वासन दिया।

भाजपा पर हल्ला बोल

भाजपा पर हल्ला बोल

दरअसल यह इलाका यूपी के डिफ्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का गढ़ रहा है। यह उनका पैतृक जनपद है। साथ इस बार भाजपा ने कौशाम्बी की तीनो विधान सभा सीटों पर क्लीन स्वीप भी किया है। ऐसे में कर्ज से परेशान किसान अगर आत्महत्या करेगा तो विरोधी दलों का हल्ला बोलना लाजमी है। इस समय हर छोटे बड़े दाल व किसान संगठन के निशाने पर भाजपा और स्थानीय नेतृत्व है। सपा ने कहा कि सरकार किसानों की मदद कर पाने में पूरी तरह से नाकाम है। सिर्फ सियासी ड्रामा रचा जा रहा है। तो वही बसपा ने भी लोकल जनप्रतिनिधिओं को निशाने पर लिया। बता दें कि अभी तक भाजपा के बड़े नेताओ की और से न तो कोई मदद पहुंची है और न ही कोई मिलने गया है। जिसकी जमकर आलोचना हो रहा है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
a debt-ridden Farmer suicides in Kaushambi uttar pradesh
Please Wait while comments are loading...