एक रुपए के सिक्के के चक्कर में मासूम की चली गई जान
चित्रकूट। एक रुपए के सिक्के की लालच में मासूम ने जान गंवा दी। उस बुंदेलखंड की हकीकत है कि जहां लोग दो वक्त की रोटी के लिए लोग अपनी जान को भी बाजी पर लगा देते हैं, भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट और कल-कल की आवाज करती मां मंदाकिनी आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी मन्नत पूरी करने पर सिक्के नदी में डालते हैं। वहीं लालच में मासूम मंदाकिनी नदी में घुसकर पैसों के लिए अपनी जान की बाजी लगा देते हैं।

इसी जान की बाजी में शुक्रवार को एक उस गरीब के घर का चिराग बुझ गया जो दो वक्त की रोटी कमा कर के अपने मां-बाप का पेट भरता था। चित्रकूट की गजरौला के रहनेवाले सूरज जिसने भी जिंदगी के कुछ ही दिन देखे थे लेकिन चिंता थी गरीबी और भुखमरी की। कहने को तो यहां पर बड़े लोग आते हैं और संत्री से लेकर मंत्री तक मत्था टेकते हैं लेकिन इन मासूमों की ओर ध्यान किसी का नहीं जाता है। रोज आता था सिक्के उठाने।
धार्मिक स्थल चित्रकूट से लगे राजोला गांव से यह बालक रोज स्फटिक शिला पर सिक्के उठाने के लिए आता था। वह पिछले 6 माह से सुबह 11:00 बजे आता था और शाम 5:00 बजे अपने घर वापस चला जाता था लेकिन आज मंदाकिनी में जैसे ही पैसे उठाने के लिए पानी में घुसा उसका एक पैर नदी के अंदर पत्थर में फंस गया जिससे वह निकल नहीं सका और उसकी उनकी मौत हो गई।












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