8 साल के मासूम का किया 'फिल्मी' अपहरण तो पुलिस ने दिखाया थ्रिलर
तभी एक बुजुर्ग वहां आया, शातिरों ने बुजुर्ग को मोहरा बनाया था और तीन सौ रुपए में काम करने के लिए भेजा था...
इलाहाबाद। इलाहाबाद में 4 मई को एक शादी समारोह से 8 साल के शिवम का अपहरण हो गया था। जिसे अब 17 दिन बाद अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया है। फिरौती की रकम देने के लिए बदमाशों को बुलाया गया था और बदमाश पुलिस के जाल में फंस गए। फिरौती की रकम पचाने से पहले तीनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर शिवम को छुड़ा लिया गया। मीडिया के सामने पेश किए गए तीनों अपहरणकर्ताओं की करतूत को शिवम ने ही खोला। तो इसके बाद एसएसपी ने अपहरण की पूरी फिल्मी कहानी बताई।

शादी समारोह से मुंबई तक दौड़
शिवम को बीते 4 मई को तब अपहरण कर लिया गया था। जब वो अपने दादा के संग सोरांव बारात में गया था। शिवम का अपहरण जीतेंद्र और रोशन लाल ने किया था। पहले शिवम को घर में ही जीतेंद्र ने रखा लेकिन विरोध पर वो उसे लेकर शहर दर शहर मुंबई पहुंच गया। मुंबई से ही फिरौती मांगी गई। परिजनों ने पुलिस से संपर्क साधा और एसटीएफ ने पूरा प्लान बनाकर फिरौती देने के लिए उसे इलाहाबाद वापस बुलाया। लेकिन यहां आकर शातिर फंस गए और मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिए गए।

5 लाख की थी मांग
अपहरण के तीन दिन बाद जीतेंद्र ने शिवम के पिता दिनेश को फोन किया और बेटे का पता बताने पर इनाम मांगा। दिनेश ने इस बात को हल्के में लिया और फोन काट दिया। अगले दिन शिवम की तलाश में जगह-जगह पोस्टर लगाए जाने लगे। तभी फिर से दिनेश को फोन आया। आवाज आई - "शिवम उसके कब्जे में है। किसी को बताया तो उसकी हत्या कर देंगे, अगले कॉल का इंतजार करो।" दिनेश ने इस फोन के आते ही पुलिस को सूचना दी तो पुलिस भी हरकत में आई। नवाबगंज पुलिस ने अपहरण का मुकदमा लिखा और पड़ताल शुरू कर दी। अगले दिन फिर फोन आया तो अपहरणकर्ताओं ने पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी और पैसे न देने पर बच्चे की हत्या करने की धमकी दी।
सर्विलांस पर लगे नंबर
अपहरणकर्ता शातिर थे इसलिए बार-बार नंबर बदलकर फोन कर रहे थे। मामला क्राइम ब्रांच को हैंड ओवर हुआ तो मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगा दिए गए। बार-बार लोकेशन बदलती रहती। अलग-अलग जिले से लोकेशन ट्रेश हो रही थी। पुलिस भी समझ गई कि बदमाश चालाक है। वो एक जगह नहीं रुके।












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