• search

नहीं मिल रहा था राशन, छोटी बहन ने मांगी रोटी, कम पड़ी तो कर ली आत्महत्या

By Rahul Kumar
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    लखीमपुर।यूपी के लखीमपुर खीरी के निघासन कस्बे में एक दलित किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी। दरअसल उसका परिवार कई दिनों से भूखा सो रहा था। वह पड़ोस से खाना मांगकर लाई थी। तीन बच्चों में खाना कम पड़ गया तो परेशान किशोरी ने यह दिल दहला देने वाला कदम उठा लिया। कस्बे बाहरी हिस्से में कटान पीड़ित परिवार रह रहे हैं। इन्हीं में एक परिवार छोटेलाल का भी है। छोटेलाल की मौत के बाद उसकी पत्नी जगराना और तीन बच्चे यहां झोपड़ी डालकर रह रहे हैं। बताया जाता है कि जगराना के घर कई दिनों से राशन न होने की वजह से चूल्हा नहीं जला था।

    कई दिनों से भूखे भाई-बहन के लिए पड़ोस से लाई थी रोटी

    कई दिनों से भूखे भाई-बहन के लिए पड़ोस से लाई थी रोटी

    कई दिनों से भूखे भाई-बहन को देख ज्योति (15 वर्ष) पड़ोस से थोड़ा खाना मांगकर लाई थी। वह अपना खाना अपने भाई को देना चाहती थी, लेकिन उसकी बहन ने भी खाने की मांग की तो रोटियां कम पड़ गईं और उसने दुखी होकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया। जगराना का कहना है कि उसकी बेटी रोटी कम पड़ने के गम में फंदे पर झूल गई। जबकि प्रशासन का दावा दूसरा है। महिला के पास अंत्योदय कार्ड था। उसे जनवरी माह का राशन मिला था। पांच फरवरी को राशन लेकर जगराना आई थी। कार्ड पर यह सब चढ़ा है। लेकिन फरवरी का राशन परिवार को अब तक नहीं मिला।

    बाजार से भी खाली हाथ लौटी आई थी मां

    बाजार से भी खाली हाथ लौटी आई थी मां

    जब ज्योति ने फांसी लगाई उस समय उसकी मां बाजार गई थी कि कहीं से उसे उधार मिल सके जिससे वह अपने जिगर के टुकड़ों का पेट भर सके। लेकिन उसे खाली हाथ घर वापस लौटना पड़ा। घर पहुंची तो बेटी की हालत देख उसे लेकर सरकारी अस्पताल पहुंची। जहां इलाज के दौरान ज्योति की मौत हो गई। गांव वालों के मुताबिक जगराना को विधवा पेंशन भी नहीं मिल रही थी। पति की मौत के बाद वह किसी तरह मजदूरी कर पेट भर रही थी।

    पहले बाढ़ ने छीन लिया घर अब भुखमरी ने ले ली बेटी का जान

    पहले बाढ़ ने छीन लिया घर अब भुखमरी ने ले ली बेटी का जान

    यह परिवार अपने पिछले गमों को भुला भी नहीं पाया था कि एक और सदमा इस परिवार को लगा। कुछ साल पहले बाढ़ ने जगराना का घर छीन लिया और अब भूख, बेबसी के हालात ने बेटी को। छोटे लाल के परिवार को शारदा नदी ने बेघर कर दिया था। इसके बाद यह परिवार आकर निघासन कस्बे के नई बस्ती मोहल्ले में घास फूस का घर बनाकर रहने लगा था। करीब चार साल पहले छोटेलाल की मौत हो गई थी। परिवार की पूरी जिम्मेदारी जगराना पर आ गई थी। जगराना के चार बच्चे थे। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, लेकिन उसकी शादी का कर्ज अभी भी जगराना चुका रही है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    15 year old girl commits suicide Due to starvation in lakhimpur

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more