Mahashivratri पर दिन में होती है महाकाल की भस्म आरती, कैसे होंगे दर्शन, जानिए
धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां जारी है, जहां महाशिवरात्रि पर लगभग 15 लाख लोगों के दर्शन करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
श्री महाकालेश्वर मन्दिर में 29 फरवरी से 9 मार्च तक शिवनवरात्रि पर्व मनाया जायेगा। इसके अन्तर्गत प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से दोपहर एक बजे तक भगवान महाकाल का विशेष पूजन किया जायेगा। उक्त समय में श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

संध्याकाल में भगवान श्री महाकालेश्वर को वस्त्र धारण कराया जाकर विशेष श्रृंगार किया जायेगा। शिवनवरात्रि पर्व में 9 मार्च को दोपहर में भस्म आरती होगी। इस दौरान भस्म आरती में चलायमान व्यवस्था पर प्रतिबंध रहेगा। 9 मार्च को प्रात: सेहरा आरती, सेहरा उतारना, दोपहर 12 से 2 बजे भस्म आरती, दोपहर 2.30 से 3 बजे भोग आरती, भोग आरती उपरांत ब्राह्मण भोज रहेगा। इसी दिन संध्या पूजन तत्पश्चात संध्या आरती के बाद रात्रि 10.30 बजे शयन आरती और रात्रि 11 बजे पट मंगल होंगे।
भस्म आरती में पंजीयनधारी श्रद्धालुओं के प्रवेश सम्बन्धी व्यवस्था मानसरोवर भवन एवं गेट नम्बर-1 से निर्धारित रहेगी। विशिष्ट तथा अतिविशिष्ट श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था निर्माल्य द्वार से रहेगी। पर्व पर वीआईपी, मीडिया तथा पुजारी-पुरोहित का प्रवेश बेगमबाग के वीआईपी गेट से प्रवेश रहेगा।
श्री महाकालेश्वर मन्दिर में आगन्तुक श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था हेतु नृसिंह घाट तिराहे पर स्थित गंगोत्री गार्डन से मन्दिर में प्रवेश हेतु द्वार निर्धारित किया जायेगा। आगन्तुक समस्त श्रद्धालु उक्त द्वार से प्रवेश कर चारधाम मन्दिर पानी की टंकी वाले मार्ग से त्रिवेणी संग्रहालय की ओर, त्रिवेणी संग्रहालय से नन्दी मण्डपम, महाकाल लोक, मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1, नवीन टनल, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन कर सकेंगे। दर्शन उपरान्त गेट नम्बर-10 तथा आपातकालीन निर्गम द्वार से बड़ा गणेश मन्दिर से दाहिनी ओर पुराने अन्नक्षेत्र से हरसिद्धि पाल से हरसिद्धि चौराहा से झालरिया मठ के रास्ते बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे।
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