विक्रम हत्याकांड उदयपुर : हत्या के छह साल पुराने केस में सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास
उदयपुर, 25 फरवरी। राजस्थान के उदयपुर में एडीजे फास्ट ट्रेक 4 कोर्ट ने 7 साल पुराने हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अभियुक्तों से अलग-अलग जिरह की।

लोक अभियोजक गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि विक्रम लौट और प्रकाश छापरवाल के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी। इसी बीच 1 नवंबर 2015 को प्रकाश छापरवाल समेत सात आरोपियों ने विक्रम पर धारदार हथियार से हमला किया और उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद अंबामाता पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज हुआ। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह चौहान को लोक अभियोजक नियुक्त किया गया। 7 साल तक इस मामले में सुनवाई चली। इससे पहले तीन आरोपियों को जमानत मिल गई थी। वह जेल से बाहर थे, लेकिन शुक्रवार को उन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
विक्रम की हत्या के मामले में न्यायालय ने प्रकाश छापरवाल, अजय उर्फ बहादुर, राहुल तम्बोली, दिलीप नकवाल, बाबू लाल चनाल, सुरेश चनाल ओर गजेंद्र छापरवाल को हत्या का आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
चौहान ने बताया कि सुरेश चनाल ओर गजेंद्र छापरवाल कि पूर्व में मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि उदयपुर में पिछले लंबे समय से आजीवन कारावास की सजा की मामले में नहीं हुई थी आदेश के बाद अब सभी आरोपियों को आजीवन जेल में रहना होगा।












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