लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ गद्दी उत्सव उदयपुर: कौन-कौन सी रस्में निभाई गईं, घोड़े की पूजा करने की क्या वजह?
Lakshyaraj Singh Mewar Gaddi Festival Udaipur: राजस्थान के उदयपुर में महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ की विरासत को उनके बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने संभाल लिया है। 2 अप्रेल 2025 को मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को गद्दी पर बैठाया गया है।
16 मार्च 2025 को अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो जाने के बाद अब उदयपुर के सिटी पैलेस के शंभू निवास में बुधवार दोपहर को लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ गद्दी उत्सव हुआ, जिसमें सुबह से लेकर रात तक कई रस्में निभाई गईं।

सुबह 9:30 बजे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ गद्दी उत्सव उदयपुर की शुरुआत
उदयपुर के सिटी पैलेस के शंभू निवास में सुबह साढ़े नौ बजे हवन-पूजन के साथ गद्दी उत्सव शुरू हो गया था। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को उनके कुलगुरु डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी ने मंत्रोच्चारण व शंखनाद के बीच गद्दी पर बैठाया। इसके बाद लक्ष्यराज ने कुलगुरु समेत तमाम संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया।
गद्दी पर बैठने व आशीर्वाद के बाद लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने श्रीएकलिंग नाथजी की तस्वीर पर फूल चढ़ाए और धूणी के दर्शन किए। अश्व पूजन भी किया। शाम को दर्शन करने उदयपुर के कैलाशपुरी स्थित एकलिंगजी मंदिर जाएंगे और भगवान जगदीश मंदिर उदयपुर में दर्शन की रस्म निभाएंगे।
अपराह्न 3:15 बजे अश्व पूजन की परंपरा
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ गद्दी उत्सव उदयपुर में अपराह्न सवा तीन बजे अश्व पूजन की पंरपरा निभाई गई, जिसमें लक्ष्यराज सिंह व उनके बेटे हरितराज सिंह ने अश्व पूजन किया।
मेवाड़ में अश्व पूजन की परंपरा का बड़ा महत्व है। यहां राजतिलक या फिर गद्दी पर विराजने की रस्म निभाने के साथ घोड़े की भी मंत्रोच्चार से पूजा अर्चना की जाती है।
मेवाड़ में महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक ने हल्दीघाटी युद्ध में घायल होकर भी महाराणा प्रताप को युद्ध भूमि से सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। ऐसे में मेवाड़ में अश्व को स्वामी भक्ति का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है।
यह घोड़ा पूर्व राजपरिवार का ही होता है। लक्ष्यराज सिंह के परिवार ने अश्वशाला सिटी पैलेस और शिकारबाड़ी में बना रखी है। महाराणा करण सिंह ने 1620-1628 ईस्वी में घोड़ों का अस्तबल बनाया था।

ओडिशा के डिप्टी सीएम भी आए उदयपुर
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ गद्दी उत्सव में शिकरत करने ओडिशा के बालांगीर के पूर्व रियासत परिवार व ओडिशा के वर्तमान डिप्टी सीएम कनकवर्धन सिंह भी उदयपुर पहुंचे। ये लक्ष्यराज सिंह के ससुर हैं। 21 जनवरी 2014 को कनकवर्धन सिंह की बेटी निवृत्ति कुमारी की शादी लक्ष्यराज सिंह से हुई।
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