गुजरात: 100 वर्षीय सास की अर्थी को कंधा देकर बहू ने पूरी की उसकी अंतिम इच्छा, पसंद की साड़ी में दी विदाई
सूरत. गुजरात में सूरत के नजदीक अडाजण में एक बहू ने अपनी सास की अर्थी को कंधा दिया। उसकी सास 100 साल की थी। बीते 6 मार्च को उसका देहांत हो गया था। उसकी इच्छा थी कि, बहू उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हो। बहू ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी की। श्मशान जाने वाले लोगों के साथ ही बहू ने सास की अर्थी उठवाई। इतना ही नहीं, मृतका को उनकी पसंद की साड़ी में भी अंतिम विदाई दी गई।
यह घटना गंगेश्वर महादेव मंदिर के पीछे शिवाजी कॉम्प्लेक्स के नजदीक स्थित अर्चन अपार्टमेंट के परिवार में घटी। जहां डॉ. बलवंतभाई की 100 वर्षीय मां धनकुंवर बेन का देहांत 6 मार्च को हो गया था। डॉ. बलवंतभाई की पत्नी मीनाक्षी बेन बलवंत भाई मिस्त्री फाइनेंशियल एडवाइडर हैं। मीनाक्षी ने बताया कि, मेरी सास की इच्छा थी कि अंतिम संस्कार के बाद होने वाले क्रिया-कर्म पर फिजूल खर्ची न हो। उस पैसे से जरूरतमंद की मदद की जाए। हमारे परिवार ने उनकी वो इच्छा पूरी की।

बकौल मीनाक्षी, 'सासू मां ने जो चीज मांगी थीं, वो किया गया। उन्होंने पहले ही कह रखा था कि अंतिम विदाई उनकी पसंद की साड़ी में की जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि, मेरे अंतिम संस्कार के बाद किसी प्रकार की धार्मिक विधि न की जाए। इसलिए, हम धार्मिक विधि भी नहीं करेंगे। सासू मां से पहले वर्ष 2004 में हमारे ससुर की मौत हुई थी, तब भी कोई विधि नहीं की गई थी।'
रुंधे गले से डॉ. बलवंतभाई की पत्नी ने कहा कि, मेरी सास मेरे बहुत करीब थीं। इसलिए, मेरे देवर अश्विन के साथ मैंने भी उन्हें कंधा दिया।












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