गृह मंत्रालय ने दी जम्मू-कश्मीर में ग्राम रक्षा समूहों के गठन को मंजूरी, BJP बोली- सुरक्षा तंत्र होगा और मजबूत
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को केंद्र शासित प्रदेश में ग्राम रक्षा समूह (वीडीजी) बनाने की मंजूरी दे दी है। वीडीजी को पहले ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के रूप में जाना जाता था।
श्रीनगर, 3 मार्च। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को केंद्र शासित प्रदेश में ग्राम रक्षा समूह (वीडीजी) बनाने की मंजूरी दे दी है। वीडीजी को पहले ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के रूप में जाना जाता था। 'जम्मू-कश्मीर में ग्राम रक्षा समूहों (वीडीजी) की संशोधित योजना' शीर्षक वाले अपने पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा कि जो क्षेत्र अधिक संवेदनशील हैं, ग्राम रक्षा समूहों का नेतृत्व करने वाले लोगों को प्रति माह 4,500 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जबकि अन्य स्वयंसेवकों को प्रति माह 4,000 रुपये मिलेंगे।

गृह मंत्रालय ने कहा कि वीडीजी संबंधित जिले के एसपी / एसएसपी के निर्देशन में कार्य करेंगे। इसके अलावा यह संशोधित योजना उच्च न्यायालय के मूल्यांकन के बाद ही लागू होगी। बता दें कि वीडीजी को पहले वीडीसी के नाम से जाना जाता था। इस बीच, जम्मू-कश्मीर भाजपा ने कहा कि ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) को ग्राम रक्षा समूहों (वीडीजी) के रूप में पुनर्जीवित करने से न केवल उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा स्तर भी मजबूत होगा। बीजेपी ने केंद्र सरकार से वीडीजी को आधुनिक हथियारों से लैस करने का भी आग्रह किया है ताकि वे पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दे सकें।
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बता दें कि जम्मू-कश्मीर भाजपा ने गृम मंत्री अमित शाह से ग्राम रक्षा समिति के पुनर्गठन की मांग की थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में ग्राम रक्षा समूह के गठन का निर्देश दे दिया।
गृह मंत्रालय के इस फैसले की प्रशंसा करते हुए राज्य भाजपा महासचिव सुनील शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि वीडीसी का नाम बदलकर वीडीजी करने और आर्थिक सशक्तिकरण सहित अन्य वास्तविक मांगों पर विचार करने से जम्मू कश्मीर के सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी। शर्मा ने आगे कहा कि एक समय था जब आतंकवाद अपने चरम पर था और निर्दोष लोगों को बेरहमी से मारा जा रहा था और पहाड़ी और दूर-दराज के इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे थे।












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