'इरादों में हो आग तो कोई मंजिल दूर नहीं', आखिर किसके दिल में सानिया मिर्जा ने जगाई जुनून की चिंगारी?
Sania Mirza News: भारतीय खेल जगत में अब वो समय नहीं रहा जब महिलाएं सिर्फ दर्शक होती थीं। आज वे ओलंपिक पदक विजेता, विश्व चैंपियन, और देश की पहचान बन चुकी हैं। इसी बदलाव पर टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा और बैडमिंटन की सुपरस्टार पीवी सिंधु ने 'द स्पोर्ट्स वुमेन' इवेंट में खुलकर बात की। दोनों ही खिलाड़ियों ने महिलाओं को लेकर अपनी दिल की बात कही।
पीटी उषा को लेकर बोलीं सानिया (Sania Mirza News)
सानिया मिर्जा ने कहा कि जब उन्होंने टेनिस खेलना शुरू किया था, उस समय महिला खिलाड़ियों की मौजूदगी बेहद कम थी। उनके समय में केवल पीटी उषा एक नाम था, जिसे वो भी सिर्फ सुन पाती थीं, देख नहीं पाती थीं। क्योंकि तब न सोशल मीडिया था, न महिला खेलों को कोई खास कवरेज मिलती थी। लेकिन आज, भारतीय महिला खिलाड़ी ओलंपिक से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक छाई हुई हैं।

सानिया ने बताई अपनी मुश्किलें
फिर भी सानिया ने इस सफलता के साथ एक कड़वी सच्चाई भी शेयर की। उन्होंने कहा कि हम इस देश में वर्ल्ड बीटर तो चाहते हैं, लेकिन उन्हें बिचारी जैसा बर्ताव करते देखना चाहते हैं। अगर महिला खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरी दिखें तो उन्हें 'अहंकारी' कह दिया जाता है, और अगर वे शांत रहें तो कहा जाता है कि उनमें किलर इंस्टिंक्ट नहीं है।
सानिया ने दिया ये खास मैसेज
सानिया ने मैसेज देते हुए कहा कि अपने लिए खेलो, दूसरों को खुश करने के लिए नहीं। समाज क्या कहता है, उस पर ध्यान मत दो, खुद को कैसे पेश करते हो ये मायने रखता है। पीवी सिंधु ने भी इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सोशल मीडिया और बाहरी राय महिला खिलाड़ियों को मानसिक रूप से कमजोर बना सकती है। अगर आप ये सोचने लगो कि लोग क्या कहेंगे, तो आप मानसिक तौर पर टूट सकते हैं। पीवी सिंधु ने जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को सपोर्ट देने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, ताकि हर गांव और छोटे शहर की बेटियां भी ओलंपिक तक पहुंच सकें।












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