Winter Olympics: ओलंपिक से पहले ही तय हो गया विनर? इस बार वो होगा जो पहले कभी नहीं हुआ, प्वाइंटर्स में समझें
Winter Olympics 2026: विंटर ओलंपिक्स की 25वीं पारी एक बार फिर यूरोप लौट रही है। मिलान-कोर्टिना 2026 में इस बार खेलों का पैमाना काफी बड़ा होने वाला है। इस बार कुल 116 मेडल इवेंट्स होंगे, जिसमें 'स्की माउंटेनियरिंग' जैसे नए रोमांचक स्पोर्ट्स भी पहली बार शामिल किए गए हैं।
ब्रिटेन के पास इतिहास रचने के मौका से लेकर विंटर ओलंपिक में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी तक। आइए आसान प्वाइंटर के जरिए समझते हैं कि इस बार का ओलंपिक क्यों खास होने वाला है...

ब्रिटेन के पास इतिहास रचने का मौका
ग्रेट ब्रिटेन ने अब तक किसी भी एक विंटर ओलंपिक में 5 से ज्यादा मेडल नहीं जीते हैं, लेकिन 2026 में यह रिकॉर्ड टूट सकता है।
- मेडल टारगेट: यूके स्पोर्ट को उम्मीद है कि उनके एथलीट इस बार 4 से 8 मेडल जीतेंगे।
- मजबूत तैयारी: ब्रिटिश खिलाड़ियों ने हालिया वर्ल्ड चैंपियनशिप में कुल 9 मेडल जीते हैं।
- नजरें इन पर: मिया ब्रुक्स और कर्स्टी मुइर जैसे खिलाड़ी इस सीजन वर्ल्ड कप इवेंट्स जीत चुके हैं और उनसे मेडल की पक्की उम्मीद है।
विंटर ओलंपिक में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
1924 में जब ये खेल शुरू हुए थे, तब केवल 11 महिला एथलीट शामिल थीं, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।
- बराबरी का रिकॉर्ड: करीब 53.4% मेडल इवेंट्स में महिलाएं हिस्सा लेंगी। कुल 116 इवेंट्स में से 50 महिलाओं के लिए होंगे और 12 मिक्स्ड इवेंट्स होंगे।
- अधूरा मिशन: इतनी प्रगति के बाद भी 'नॉर्डिक कंबाइंड' इकलौता ऐसा खेल बचा है, जिसमें महिलाओं को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिली है।
- ऐतिहासिक नेतृत्व: यह पहला ओलंपिक होगा जिसकी देखरेख नई IOC अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री करेंगी।
12 साल बाद लौटे NHL के सुपरस्टार्स (रूस का गेम ओवर)
आइस हॉकी फैन्स के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि 12 साल बाद NHL (नेशनल हॉकी लीग) के खिलाड़ी ओलंपिक में वापसी कर रहे हैं।
- अमेरिका की चांदी: रूस पर लगे प्रतिबंध (Ban) और NHL स्टार्स की वापसी से अमेरिका को 1980 के बाद पहला गोल्ड जीतने की सबसे बड़ी उम्मीद जगी है।
- ग्लोबल इम्पैक्ट: 12 में से 11 टीमों में कम से कम एक NHL खिलाड़ी जरूर होगा, जिससे मुकाबला और कड़ा हो गया है।
1956 के मुकाबले कितना बड़ा हुआ ओलंपिक?
इटली का कोर्टिना शहर दूसरी बार इन खेलों की मेजबानी कर रहा है। 70 साल पहले यानी 1956 के मुकाबले अब खेल का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है।
- इवेंट्स की संख्या: 1956 में केवल 24 इवेंट्स थे, जो 2026 में बढ़कर 116 हो गए हैं।
- सस्टेनेबिलिटी: इस बार नए स्टेडियम बनाने के बजाय पुराने वेन्यू को 'रिसायकल' किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो।
गोल्ड मेडल के पुराने रिकॉर्ड्स पर खतरा
2026 में सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में नए नाम जुड़ सकते हैं।
- जर्मनी की चुनौती: जर्मन लुगर्स टोबियास वेंडल और टोबियास अर्ल्ट अपना 7वां और 8वां गोल्ड जीतने की कोशिश करेंगे।
- नॉर्वे की बादशाहत: अभी नॉर्वे के एथलीट्स 8 गोल्ड के साथ टॉप पर हैं, लेकिन जोहान्स होसफ्लॉट क्लेबो (नॉर्वे) इस बार सबको पीछे छोड़ने की ताकत रखते हैं।
मेजबान इटली: क्या घर में मिलेगा फायदा?
अक्सर मेजबान देश को घर में ज्यादा मेडल मिलते हैं, लेकिन इटली की राह आसान नहीं दिख रही है।
- मेडल का लक्ष्य: इटली ने इस बार कम से कम 19 मेडल का टारगेट रखा है।
- फिटनेस की समस्या: इटली को बड़े झटके लगे हैं क्योंकि स्टार खिलाड़ी मार्ता बासिनो बाहर हो गई हैं और फेडरिका ब्रिगोन अपनी फिटनेस से जूझ रही हैं।
- बड़ी उम्मीद: एरियाना फोंटाना इटली की सबसे सफल एथलीट हैं और वे लगातार छठे ओलंपिक में मेडल जीतकर रिकॉर्ड बनाना चाहेंगी।
नोट: इस आर्टिकल में दिए गए सभी आंकड़े BBC Sport, IOC (इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी) और Olympedia के आधिकारिक डेटा पर आधारित हैं।












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