पिता का त्याग और अधूरा सपना, अब फाइटर बेटे के पास वर्ल्ड चैंपियन बनने का सुनहरा मौका
किसी भी खिलाड़ी को महान बनाने के पीछे एक सपोर्ट सिस्टम होता है, जिसमें परिवार का रोल सबसे अहम होता है। रूस के बेहद खतरनाक फाइटर असादुला इमानगज़ालिएव की कामयाबी में उनके पिता का सबसे अहम योगदान है और उन्हीं के सपने को पूरा करने के लिए वह जल्द रिंग में कदम रखेंगे।
22 वर्षीय इमानगज़ालिएव के पास मौका है कि वह 20 मार्च को होने वाले ONE Championship के ONE Friday Fights 147 इवेंट में खिताब जीतें। उनका सामना महान मॉय थाई फाइटर नोंग-ओ हामा से ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल के लिए होगा।

पिता का अधूरा सपना पूरा करने में जुटे इमानगज़ालिएव
असादुला इमानगज़ालिएव के मार्शल आर्ट्स सफर की शुरुआत रूस के दागेस्तान से हुई, जिसे एक से बढ़कर एक फाइटरों को पैदा करने वाली धरती के रूप में जाना जाता है। उनके पिता ने अपने समय में कामयाब खिलाड़ी बनने का सपना देखा, जो कभी साकार नहीं हो पाया। पांच फुट 10 इंच लंबे फाइटर अब इसी सपने को जीवंत रूप दे रहे हैं।
उन्होंने बताया, "जब मेरे पिता जवान थे तो वह खेलों में सक्रिय थे और उच्च स्तर पर कामयाबी का लक्ष्य तय किया था, लेकिन किन्हीं कारणों से सपना पूरा नहीं हो पाया। उस वजह से वह चाहते थे कि उनके बेटों में से कोई इस रास्ते पर चले।"
पिता के त्याग से कामयाबी के शिखर पर पहुंचे
मॉय थाई मार्शल आर्ट की अच्छी ट्रेनिंग के लिए उन्होंने बेटे की हर संभव मदद की ताकि वह इस खेल में कामयाबी की नई कहानी गढ़ सकें।
उन्होंने भावुक होकर कहा, "मेरे सफर में पिता का बहुत अहम योगदान रहा। उन्होंने मुझे भावनात्मक तौर पर और पैसों से मदद की और वह मुझे दूसरे शहर से रोजाना घर लेने के लिए आते थे।"
अब इमानगज़ालिएव के पास मौका है कि वह पिता की मेहनत और त्याग को सफलता में बदलें। ONE में 7 विरोधियों को ढेर करने के बाद अगर वह 20 मार्च को दिग्गज को हरा पाए तो वर्ल्ड चैंपियन बन जाएंगे।












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