मनु भाकर ने स्कूली लड़कियों के साथ मशहूर बॉलीवुड गाने पर किया डांस, जमकर वायरल हो रहा वीडियो
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने अपने प्रदर्शन से भारतीय फैंस का दिल जीत लिया। मनु ऐसी पहली भारतीय बन गई थीं, जिन्होंने एक ओलंपिक में दो पदक जीते। वर्तमान में मनु अपनी इस सफलता का आनंद ले रही हैं। इस बीच उनके डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया काफी पसंद किया जा रहा है।
दरअसल, चेन्नई में आयोजित एक सम्मान समारोह में शूटर को स्कूली छात्राओं के साथ लोकप्रिय बॉलीवुड गाने 'काला चश्मा' पर डांस करते देखा गया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में भाकर का छात्रों के डांस दिखाया गया है।

हरियाणा की 22 वर्षीय एथलीट ने स्वतंत्रता के बाद खेलों के एक ही सीजन में दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किया।
यहां देखें मनु भाकर के डांस का वीडियो-
मनु भाकर की ऐतिहासिक उपलब्धियां
पेरिस ओलंपिक में भाकर का सफ़र महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में अपने पहले कांस्य पदक के साथ शुरू हुआ, जिसने भारत को पदक तालिका में पहली बार शामिल किया। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहकर एक और पदक से चूक गईं।
मनु को भारत की ध्वजवाहक के रूप में किया गया सम्मानित
पेरिस में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद से भाकर को देशभर से अपार प्रशंसा और समर्थन मिला है। फ्रांस में आयोजित 33वें ओलंपिक खेलों के समापन समारोह में उन्हें भारत की ध्वजवाहक के रूप में भी सम्मानित किया गया।
तीन महीने के ब्रेक पर हैं मनु भाकर
भाकर के इस साल अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाले विश्व कप में भाग न लेने की संभावना है, क्योंकि उन्होंने तीन महीने का ब्रेक लेने का फैसला किया है। उनके कोच जसपाल राणा ने कहा कि, 'मुझे यकीन नहीं है कि वह अक्टूबर में होने वाले शूटिंग विश्व कप में भाग ले पाएगी या नहीं, क्योंकि वह तीन महीने का ब्रेक ले रही है। यह एक सामान्य ब्रेक है; वह लंबे समय से प्रशिक्षण ले रही है।'
युवा निशानेबाज की उपलब्धियों ने न केवल उनके गृह राज्य हरियाणा को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे भारत में कई युवा एथलीटों को भी प्रेरित किया है। उनकी लगन और कड़ी मेहनत आज भी महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है।
ये भी पढ़िए- Paralympics: दुर्घटना में पैर कट गया पर नहीं टूटी उम्मीद! पैरालिंपिक के लिए कड़ी मेहनत कर रहे सुमित अंतिल
पेरिस से लौटने के बाद से विभिन्न कार्यक्रमों और समारोहों में भाकर की उपस्थिति खेल समुदाय और उसके बाहर उनके बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता को उजागर करती है। इतनी कम उम्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों ने भारतीय एथलीटों के लिए नए मानक स्थापित कर दिए हैं और साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और दृढ़ता से कुछ भी संभव है।












Click it and Unblock the Notifications