OI Exclusive: हरियाणा स्टीलर्स के कप्तान जयदीप दहिया खिताब जीतने को तैयार, किए कई दिलचस्प खुलासे
OI Exclusive Interview with Jaideep Dahiya: पिछले साल हरियाणा स्टीलर्स को खिताब दिलाने वाले जयदीप दहिया इस सीजन भी टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। हरियाणा स्टीलर्स टीम के कप्तान और लेफ्ट कवर डिफेंडर जयदीप दहिया से फैंस को खासी उम्मीदें बनी हुई है। जयदीप लगातार तीसरी बार हरियाणा स्टीलर्स की कप्तानी कर रहे हैं। प्रो कबड्डी लीग के नए सीजन को लेकर उन्होंने वनइंडिया हिंदी से बातचीत करते हुए कई मजेदार खुलासे किए हैं।
कप्तानी का दबाव ऐसे करते हैं मैनेज (OI Exclusive Interview with Jaideep Dahiya)
कप्तानी का दबाव मैनेज करने के सवाल पर जयदीप दहिय ने कहा कि मैच के दौरान सिचुएशन अनुसार दबाव को मैनेज करते हैं। सीनियर्स से सीखते हैं। जब टीम में कई बड़े खिलाड़ी हों तो कप्तान के तौर पर सबको एक पेज पर लाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जयदीप ने कहा कि राहुल, नवीन और सभी खिलाड़ी अपनी राय देते हैं, मैं उनकी सुनता हूं। अंत में जो टीम के लिए सही होता है वह फैसला लेता हूं।

टीम को लेकर बनाए हैं प्लान
उन्होंने कहा कि कप्तानी के साथ-साथ अपनी डिफेंस की जिम्मेदारियों का संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता। जयदीप कहते हैं कि बैलेंस करके चलना पड़ता है। मुझे मानसिक रूप से मजबूत होना पड़ता है। अपनी टीम में सुधार की बात पर जयदीप कहते हैं कि फिलहाल सुधार की कोई बात नहीं है और टूर्नामेंट शुरू होने पर वह टीम की जरूरतों के अनुसार प्लान करेंगे।
कोच के साथ कैसा है तालमेल
जब उनसे कोच के साथ तालमेल की बात हुई तो उन्होंने कहा कि इस बार कई नई रणनीतियां देखने को मिलेंगी। कोच के पास काफी अनुभव है जिसा फायदा मिलेगा। मैच से पहले स्वयं को मोटिवेट करने के लिए जयदीप पूजा पाठ और भजन सुनना अपनी आदत बताते हैं। यह उनके मानसिक शांति और आत्मविश्वास का स्रोत है। हालांकि, जब टीम की स्थिति अच्छी रहती है तो वह फिल्मी गाने में भी सुनते हैं।
इस टीम को बताया सबसे बड़ी चुनौती
कप्तान बनने के बाद जयदीप के खेल और नजरिए में अहम बदलाव आया। उन्होंने बताया कि पहले इतनी जिम्मेदारी नहीं थी, लेकिन अब मुझे टीम को लेकर आगे चलना पड़ता है। टीम का फोकस ट्रॉफी की तरफ सीधे नहीं होता बल्कि उन्होंने बताया कि वे प्रत्येक मैच को एक कदम मानते हुए रणनीति बनाते हैं। जहां तक आने वाले सीजन की चुनौतियों की बात है, जयदीप का कहना है कि हर टीम चुनौती है। लेकिन हमें खास तौर पर UP योद्धा से सतर्क रहना होगा।
बचपन की प्रेरणा और जीवन की असली कहानी
बचपन के दिनों को याद करते हुए जयदीप ने शेयर किया कि उन्हें कभी कोच से डांटने की वजह से मन नहीं लगता था। लेकिन उनके बड़े भाई ने हमेशा उनका समर्थन किया और ग्राउंड तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अगर मैं कबड्डी प्लेयर नहीं होता तो शायद मैं गुंडा या मजदूर बन जाता क्योंकि मैंने सिर्फ पांचवीं तक पढ़ाई की है।
पीकेएल में ऐस रहा प्रदर्शन
जयदीप ने Pro Kabaddi League में 87 मैच खेले हैं और 447 टैकल किए। जिनमें से 207 सफल रहे हैं। उनकी टैकल सफलता दर लगभग 46% है। इसके अलावा उन्होंने 20 सुपर टैकल और 16 हाई-5 की उपलब्धियां भी दर्ज की हैं। उनके कुल करियर प्वाइंट्स 231 और नॉट-आउट दर 80% है, जो एक डिफेंडर के लिए शानदार आंकड़े हैं












Click it and Unblock the Notifications