महज 17 साल की उम्र में देश के हीरो बन गए थे सचिन तेंदुलकर, 15 अगस्त से पहले रचा था इतिहास
On This Day, Sachin Tendulkar: आज से 35 साल पहले 14 अगस्त 1990 का दिन भारतीय क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूल सकते। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर सिर्फ 17 साल के एक युवा ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। हम यहां बात कर रहे हैं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की। सचिन तेंदुलकर आज के दिन ही भारत के हीरो बन गए थे।
चौथी पारी में सचिन ने किया कमाल (On This Day, Sachin Tendulkar)
भारत चौथी पारी में 408 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुश्किल में था। स्कोरबोर्ड पर 127 पर 5 विकेट गिर चुके थे और हार सामने दिख रही थी। तभी क्रीज पर आए नन्हे सचिन तेंदुलकर जिनसे किसी ने कुछ खास उम्मीद नहीं लगा रखी थी। इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज एंगस फ्रेजर और डेवॉन मेल्कम सचिन के सामने थे। हालात बेहद कठिन थे, लेकिन सचिन ने गजब का धैर्य और क्लास दिखाया। उन्होंने जिम्मेदारी उठाई और टीम को बचाने का बीड़ा अपने कंधों पर लिया।

सचिन तेंदुलकर के बल्ले से निकला शतक
सचिन ने शानदार शॉट खेले, तेज गेंदबाजों की रफ्तार को जवाब दिया और हर गेंद को सोच-समझकर खेला। कपिल देव और बाद में मनोज प्रभाकर के साथ उन्होंने अहम साझेदारी की। धीरे-धीरे उन्होंने रन जोड़े और आखिरकार एक खूबसूरत कवर ड्राइव के साथ अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। वह नाबाद 119 रन बनाकर लौटे और मैच ड्रॉ कराया। यह सिर्फ एक शतक नहीं था, यह एक ऐलान था कि भारतीय क्रिकेट को उसका भविष्य मिल गया है।
इस पारी से बदली सचिन की किस्मत
यह पारी सचिन के करियर की नींव साबित हुई। इस एक मैच ने बता दिया कि यह लड़का कोई साधारण खिलाड़ी नहीं, बल्कि आने वाला सुपरस्टार है। आगे चलकर सचिन ने 100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए और दुनिया के सबसे महान बल्लेबाजों में शुमार हुए। आज, 35 साल बाद सचिन का बेटा अर्जुन तेंदुलकर भी सुर्खियों में है। हाल ही में अर्जुन की सगाई सानिया चंडोक से हुई, जो मुंबई के नामी बिजनेसमैन रवि घई की पोती हैं। अर्जुन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर हैं। वह गोवा की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और आईपीएल में मुंबई इंडियंस का हिस्सा रह चुके हैं।












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