युवाओं को मौका 1 साल पहले देना था, वर्ल्ड कप के पास आकर टीम में बदलाव से होगा नुकसान
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे वनडे मैच में कुछ प्रयोग देखने को मिले थे। दो दिग्गजों को टीम की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखते हुए युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया था। हालांकि इसका कोई लाभ नहीं हुआ और वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को पराजित कर दिया।
रोहित और कोहली को टीम से बाहर रखने के फैसले की आलोचना भी देखने को मिली है। कोच राहुल द्रविड़ ने इन दोनों को बाहर रखने का कारण भी बताया है। द्रविड़ ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के उद्देश्य से यह फैसला लेना बताया। हालांकि ये चीजें बहुत देरी से हो रही हैं।

वर्ल्ड कप सिर पर है
इस साल का वनडे वर्ल्ड कप भारत में होना है और इसका समय नजदीक आ रहा है। टीम इंडिया के पास वर्ल्ड कप से पहले अब ज्यादा वनडे मुकाबले नहीं हैं। ऐसे में इस समय युवा खिलाड़ियों को मौका देने का कोई पॉइंट नहीं है। यह काम एक या डेढ़ साल पहले करना था। इस समय टीम के उन खिलाड़ियों को ही मौका मिलना चाहिए, जो वर्ल्ड कप में खेलने वाले हैं।
टीम में खिलाड़ी हैं तो खिलाना जरूरी नहीं
राहुल द्रविड़ ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों को मौका देने के लिए रोहित और कोहली को रेस्ट दिया गया है। हालांकि ऐसा करना जरूरी नहीं होता है। अगर बेंच पर खिलाड़ी हैं, तो उनको परिस्थितियों के अनुसार खिलाना होता है। यहाँ वर्ल्ड कप का समय होने के कारण अन्य खिलाड़ियों को मौका देने की बात समझ से परे है।
पर्याप्त ब्रेक के बाद भी थकान
टीम इंडिया के खिलाड़ियों को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मैच होने के बाद काफी समय मिला था। तीन सप्ताह आराम करने के बाद उनको विंडीज के खिलाफ खेलना था। इसमें भी टेस्ट सीरीज के दौरान 7 दिनों का खेल ही हुआ था। ऐसे में सिर्फ एक वनडे और दो टेस्ट खेलने से थकान होने की बात कहीं से भी सही नहीं कही जा सकती है। भारतीय टीम मैनेजमेंट और कोच के अलावा कप्तान को वनडे वर्ल्ड कप को प्राथमिकता में रखना होगा। अन्य खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप के बाद भी आजमाया जा सकता है।












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