गिल युग की सुनहरी शुरुआत, अंडर-19 से लेकर टीम इंडिया के कप्तान की कुर्सी तक का सफर!
Shubman Gill: पंजाब के फाजिल्का जिले के एक छोटे से गाँव से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी तक का सफ़र तय करने वाले शुभमन गिल की कहानी किसी फ़िल्मी पटकथा से कम नहीं है। अनुशासन, तकनीक और निडरता के पर्याय बन चुके गिल ने सिर्फ़ 25 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के भविष्य की कमान संभाल ली है।
अंडर 19 के दिनों से ही गिल में वह बात दिखाई देती थी, क्रिकेट पंडितों का भी यही मानना था कि यह लड़का भारतीय टीम में लंबा खेलेगा। आज गिल के लिए लगाए गए अनुमान सही साबित हो रहे हैं। वह टेस्ट के बाद एकदिवसीय टीम के भी कप्तान बन गए हैं और लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं।

अंडर-19 में धमाकेदार 'शुभ' आरंभ
गिल की प्रतिभा पहली बार वैश्विक मंच पर 2018 आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में चमकी। उप-कप्तान के रूप में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और 124 के अविश्वसनीय औसत से 372 रन बनाए, जिसमें पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सेमी-फ़ाइनल में शानदार शतक भी शामिल था। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया। यहीं से उन्हें भविष्य का स्टार कहा जाने लगा। पिता लखविंदर सिंह ने गिल के अभ्यास के लिए खेत में क्रिकेट पिच तक बनवाई, जो उनके शुरुआती समर्पण को दर्शाता है।
सीनियर टीम में सफलता और रिकॉर्ड्स
जूनियर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद, गिल को जल्द ही सीनियर टीम में जगह मिली। 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट डेब्यू में उन्होंने गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कम समय में ही उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में एक अनूठी छाप छोड़ दी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गिल के कुछ बड़े कीर्तिमान
- वनडे में दोहरा शतक (208 रन, न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़)।
- वनडे में सबसे तेज़ 2000 रन बनाने वाले बल्लेबाज़।
- क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में शतक बनाने वाले 5वें भारतीय बल्लेबाज़।
उनके नाम अब तक 38 टेस्ट मैचों में 41.49 की औसत से 2,697 रन और 55 वनडे मैचों में 59.04 की प्रभावशाली औसत से 2,775 रन दर्ज हैं। टी20 इंटरनेशनल में गिल के नाम 28 मैचों में 705 रन हैं।
कप्तानी का नया दौर
साल 2025 में भारतीय क्रिकेट ने एक नया अध्याय देखा, जब रोहित शर्मा के बाद शुभमन गिल को टेस्ट का कप्तान नियुक्त किया गया। यह उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ था। इंग्लैंड दौरे पर बतौर कप्तान अपनी पहली टेस्ट सीरीज़ में गिल ने बल्ले से कमाल करते हुए 75.40 की औसत से 754 रन बनाए और सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वह दबाव में न सिर्फ़ टिक सकते हैं, बल्कि टीम को आगे भी ले जा सकते हैं।
वनडे में ऑस्ट्रेलिया में बजेगा कप्तानी का बिगुल
एकदिवसीय क्रिकेट में गिल पहली बार टीम का टीम इंडिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। टेस्ट में इंग्लैंड की सरजमीं पर उनकी कप्तानी का डेब्यू हुआ था, तो वनडे में अब ऑस्ट्रेलिया की धरती पर वह अपनी कप्तानी का अभियान शुरू करेंगे। काम आसान नहीं है लेकिन गिल ने आईपीएल से लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट तक अपनी लीडरशिप के गुण दिखाए हैं।












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