रेस में खरगोश की तरह आया बॉलर, 'जरा से फर्क से आवेश खान को पछाड़ा, वर्ल्ड कप में दावा ठोका'
नई दिल्ली, 10 अगस्त: इंग्लैंड, आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की संख्या में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद भारतीय टीम कुछ इसी तरह का परफॉर्मेंस एशिया कप में भी देने की ओर देख रही है जो 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है।
जसप्रीत बुमराह टीम का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि वह कमर की चोट से जूझ रहे हैं। मोहम्मद शमी को भी बाहर रखा गया है और ऐसे में भुवनेश्वर कुमार इस पेस अटैक को लीड करेंगे।

ये रेस वर्ल्ड कप की है, प्रतियोगिता जबरदस्त है
जसप्रीत बुमराह टीम का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि वह कमर की चोट से जूझ रहे हैं। मोहम्मद शमी को भी बाहर रखा गया है और ऐसे में भुवनेश्वर कुमार इस पेस अटैक को लीड करेंगे।
बाकी युवा खिलाड़ी मौजूद हैं जिनमें आवेश खान, अर्शदीप सिंह हैं और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी तेज गेंदबाजी को पूरा करेंगे। दीपक चाहर को भी जगह दी गई है लेकिन वे तीन रिजर्व खिलाड़ियों में शामिल है तो उनको मौका मिलने की उम्मीद थोड़ी कम है। ऐसे में पूरी टीम के ऊपर फोकस बना रहेगा लेकिन देखने की बात होगी कि आवेश खान और अर्शदीप सिंह में कौन बाजी मारता है।

आवेश खान रेस में पिछड़ने लगे
एशिया कप के मुकाबले आमतौर पर काफी दबाव के होते हैं क्योंकि यहां आपको भारत और पाकिस्तान के बीच मैच देखने को मिलते हैं। इन युवा खिलाड़ियों पर बात करते हुए स्पोर्ट्स 18 के शो पर संजय मांजरेकर ने अर्शदीप सिंह को बेहतर विकल्प बताया है। उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले अक्टूबर-नवंबर के वर्ल्ड कप में आवेश खान की तुलना में अर्शदीप सिंह अधिक बाजी मार ले जाते हैं।

अर्शदीप सिंह ने आवेश खान के ऊपर थोड़ी बढ़त बनाई हुई है
मांजरेकर ने कहा कि वास्तव में ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए अच्छी रेस लग रही है। जिस सीट के लिए यह रेस है वह काफी अहम है। ऐसे में मुझे लगता है अर्शदीप सिंह ने आवेश खान से वह जगह ले ली है। अब आवेश खान थोड़े पीछे रह गए हैं और यह अपने आप में दिलचस्प बात है। आप देख सकते हैं यह वास्तव में असली कंपटीशन है और जगह कम बची है। अर्शदीप सिंह ने आवेश खान के ऊपर थोड़ी बढ़त बनाई हुई है क्योंकि वह बिल्कुल वही काम कर सकते हैं जो आवेश खान करते हैं। वे नई गेंद से आ सकते हैं, बीच में बोलिंग कर सकते हैं और डेथ ओवरों की गेंदबाजी कर सकते हैं।

रेस में खरगोश की तरह आया बॉलर
मजेदार बात यह है कि आवेश खान अर्शदीप की तुलना में काफी समय से हैं लेकिन अंतिम बाजी अर्शदीप के हाथ लगती हुई दिखाई दे रही है। अर्शदीप ने ऐन मौके पर अपनी एंट्री दर्ज कराई और वे वर्ल्ड कप जाने के प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं। आवेश खान के प्रदर्शन में निरंतरता कम है और उन्होंने जिस गति से गेंद फेंकने का वायदा किया था वह भी गायब हो चुका है। दूसरी ओर अर्शदीप सटीक हैं। वे बेहतर लाइन लेंथ से गेंद फेंकने के अलावा एक बाएं हाथ के बॉलर होने के कारण भी टी20 क्रिकेट में ज्यादा प्रभावशाली हैं।
कह सकते हैं कि इस रेस में अर्शदीप बाद में आए और आवेश खान को पीछे छोड़ते लाइन पार कर रहे हैं। कभी-कभी रेस में खरगोश भी कछुए से जीत सकता है।












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