एक दुर्गति के बाद टीम की सोच बदल गई; रोहित ने बताया, ये खुलकर, आक्रामक खेलना क्यों शुरू हुआ
नई दिल्ली, 7 अगस्त: जब कप्तान और कोच एक ही सोच पर हो और टीम के पास कई सारे युवा लीडर मौजूद हो तो उसका भविष्य अक्सर बहुत अच्छा होता है। कुछ ऐसा ही इस भारतीय टीम के साथ है जो रोहित शर्मा की अगुवाई में लगातार तरक्की कर रही है। भारत का बड़ा इम्तिहान T20 वर्ल्ड कप में होगा जो इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया में होने जा रहा है लेकिन उससे पहले एशिया कप में भी वे दमखम दिखाते हुए नजर आएंगे।

कहीं अधिक पॉजिटिव अप्रोच
भारत ने अपने खेल में कुछ तब्दीली की है आप देख पाएंगे कि टीम इंडिया अब बल्लेबाजी में कहीं अधिक पॉजिटिव अप्रोच अपनाती है। खिलाड़ी खुलकर खेलना चाहते हैं, इसके लिए भले ही उनको अपना विकेट जल्द ही क्यों न गंवाना पड़े। हर बल्लेबाज अपना नेचुरल खेल खेलना चाहता है और यह वह बात है जो रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ ने मिलकर बनाई है। ऐसा नहीं है कि टीम इंडिया को यह सोच विशुद्ध रूप से रोहित शर्मा या राहुल द्रविड़ से ही मिली हो बल्कि यह उस वक्त की परिस्थितियां थी जिन्होंने भारत को एक नई अप्रोच अपनाने में प्रेरित किया।

टीम की सोच में एक जरूरी बदलाव होना ही था
रोहित ने स्टार स्पोर्ट के एक शो पर बातचीत करते हुए स्वीकार किया कि पिछले T20 वर्ल्ड कप में भारत का इतना खराब अभियान था कि उसके बाद टीम की सोच में एक जरूरी बदलाव होना ही था। यह बदलाव खिलाड़ियों को खुलकर आजादी देने और उनसे आक्रामक खेल निकलवाने को लेकर था। रोहित इस बात को लेकर खुशी जाहिर करते हैं कि आईपीएल में 10 टीमें खेल रही है तो आपके पास 10 युवा लीडर भी हो सकते हैं और इस बात की भी काफी चांस है कि वह 10 के 10 खिलाड़ी भारत की टीम में किसी ना किसी दिन खेलते नजर आएं।

कई युवा कप्तानों की वजह से काम आसान हो गया
रोहित कहते हैं इससे उनका काम आसान हो गया है क्योंकि युवा खिलाड़ी अपने काम को बखूबी जानते हैं और उनसे काफी कम बात में काफी अधिक काम निकलवाया जा सकता है। रोहित की कोच राहुल के साथ अच्छी बातचीत है। राहुल द्रविड़ उनके पहले कप्तान भी थे और जब रोहित चोटिल हुए तो राहुल द्रविड़ के साथ उन्होंने एनसीए में काफी समय बिताया। रोहित बताते हैं कि उनकी द्रविड़ के साथ लगातार बात चलती रहती है कि खेल किस तरह से चल रहा है।

द्रविड़ और मेरी सोच एक जैसी निकली- रोहित शर्मा
रोहित ने कहा, "जब द्रविड़ कोच बने तो हम लोग साथ बैठे हैं और यह तय किया कि हम किस तरीके से चीजों को आकर लेकर जा रहे हैं और द्रविड़ की सोच भी लगभग वैसी ही थी जैसा मैं सोच रहा था। इसने चीजों को मेरे लिए आसान कर दिया ताकि हम अपने खिलाड़ियों को एक स्पष्ट विचार दें कि आपको क्या करना है। किसी तरह का कोई कंफ्यूजन ना रहे। रोहित कहते हैं कि हम तीनों फॉर्मेट में एक खास तरीके से खेलना चाहते थे और द्रविड़ इसके लिए तैयार थे।"












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