PSL खेला तो IPL से होंगे बाहर! PAK लीग के खिलाड़ियों पर लग गई परमानेंट रोक?
एशिया कप 2025 का फाइनल भले ही भारत ने जीता, लेकिन ट्रॉफी आज भी टीम इंडिया से दूर है। इस राजनीतिक विवाद के बीच अब सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर वायरल हो रही है कि जो भी विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलेगा, उसे हमेशा के लिए IPL से बाहर कर दिया जाएगा।
क्या BCCI ने सच में इतना कड़ा फैसला लिया है? इससे पहले कि हम इस वायरल दावे की सच्चाई जानें, आइए देखते हैं कि तीन दिन बाद भी एशिया कप 2025 की ट्रॉफी कहां है...?

जीत के तीन दिन बाद भी भारत को क्यों नहीं मिली ट्रॉफी?
भारतीय क्रिकेट टीम ने दुबई में एशिया कप 2025 का खिताब जीता, पाकिस्तान को लगातार तीसरी बार हराकर फाइनल में धमाकेदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया ने मैदान पर खेल भावना दिखाई, लेकिन जीतने के बाद भी टीम को ट्राफी नहीं मिली है।
यह भारत और पाकिस्तान के बीच किसी खेल आयोजन का सबसे अजीब राजनीतिकरण है। विवाद की जड़ एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी हैं, जो पाकिस्तान में कई पद संभालते हैं, जिनमें पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री (Interior Minister) का पद भी शामिल है।
दरअसल, टीम इंडिया एक ऐसे व्यक्ति से एशिया कप की ट्रॉफी स्वीकार नहीं करना चाहती थी, जो पाकिस्तान में मंत्री के पद पर है। यह फैसला पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद लिया गया, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध और बिगड़ गए थे।
ट्रॉफी कहाँ है?
30 सितंबर को दुबई में ACC की एक रूटीन बैठक के दौरान, BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बार-बार ट्रॉफी सौंपने पर ज़ोर दिया। लेकिन मोहसिन नकवी ने इसे 'एजेंडा से बाहर' बताकर खारिज कर दिया और भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से कहा कि वे 'इसे ACC कार्यालय से व्यक्तिगत रूप से ले लें।'
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एशिया कप की ट्रॉफी फिलहाल दुबई में ACC ऑफिस में 'रखी हुई' है, मोहसिन नकवी की निगरानी में, जैसे वह बंधक हो।
नकवी पर पाकिस्तान में भी गुस्सा
मोहसिन नकवी के इस अड़ियल और अहंकार भरे व्यवहार के कारण पाकिस्तान में भी उनकी आलोचना हो रही है। पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने PCB अध्यक्ष के पद से नकवी के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। अफरीदी ने एक इंटरव्यू में कहा, 'PCB आंतरिक मंत्रालय से पूरी तरह से अलग है, इसलिए इसे अलग रखा जाना चाहिए।'
विवाद से एशियाई क्रिकेट में दरार
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि नकवी ने बैठक के दौरान BCCI से एक आधी-अधूरी माफी तो मांगी, लेकिन फिर भी इस बात पर अड़े रहे कि ट्रॉफी केवल कप्तान सूर्यकुमार यादव के व्यक्तिगत रूप से आने पर ही दी जाएगी।ACC अध्यक्ष के रूप में उनका उद्देश्य एशियाई क्रिकेट को एकजुट करना था। लेकिन नकवी ने अपने इन हरकतों से इसमें और दरार डाल दी है। BCCI अब टीम इंडिया के लिए ट्रॉफी हासिल करने के लिए ICC के माध्यम से कानूनी रास्ते तलाशने पर विचार कर रहा है।
IPL को लेकर वायरल दावे की क्या है सच्चाई?
यह दावा कि पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलने वाले खिलाड़ियों को हमेशा के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शामिल नहीं किया जाएगा। इस संबंध में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) या IPL प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या घोषणा जारी नहीं की गई है। यह खबर केवल सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर वायरल हो रहे पोस्टों पर आधारित है और इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है। PSL और IPL के बीच खिलाड़ियों के खेलने या न खेलने का निर्णय पूरी तरह से दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों के सरकारी समझौतों और नीतियों पर निर्भर करता है। ऐसे में, किसी भी अधिकारिक पुष्टि के बिना इस वायरल दावे पर विश्वास करना गलत होगा।












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