Matthew Breetzke ने चकनाचूर किया 38 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले बने दुनिया के पहले खिलाड़ी
Matthew Breetzke, World Record: दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीट्ज़के (Matthew Breetzke) ने क्रिकेट की दुनिया में नया इतिहास रच दिया है। लंदन के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में उन्होंने 87 रनों की पारी खेलते हुए अपने नाम एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया। इस रिकॉर्ड को तोड़ने में 38 साल लग गए।
मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने रचा इतिहास (Matthew Breetzke, World Record)
मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने अपनी इस पारी के दम पर यह बता दिया है कि वह वनडे क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा हो सकते हैं। शुरुआती झटकों के बाद उन्होंने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ 147 रनों की शानदार साझेदारी की और टीम को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। इस दौरान मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि इतिहास भी रचा। उन्होंने कुछ ऐसा किया जो 38 साल से नहीं हुआ था।

टूट गया नवजोत सिंह सिद्धू का 38 साल पुराना रिकॉर्ड
मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने इंग्लैंड के खिलाफ 87 रन बनाकर अपने वनडे करियर की पहली पांच पारियों में लगातार पांच अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू के नाम था, जिन्होंने 1987 वर्ल्ड कप के दौरान लगातार चार पारियों में पचास+ स्कोर बनाए थे। जहां सिद्धू ने यह कारनामा अपने पहले छह मैचों में से चार पारियों में किया था, वहीं ब्रेट्जके ने लगातार हर एक पारी में पचास से ज्यादा रन बनाकर इस रिकॉर्ड को नए स्तर पर पहुंचा दिया।
सबसे तेज़ 400 रन बनाने वाले खिलाड़ी
इतना ही नहीं मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने अपने शुरुआती पांच मैचों में ही 463 रन बना लिए हैं। यह आंकड़ा किसी भी बल्लेबाज का शुरुआती पांच वनडे मैचों में सर्वाधिक है। उन्होंने नीदरलैंड्स के टॉम कूपर (374 रन) और इंग्लैंड के एलन लैम्ब (328 रन) को पीछे छोड़ दिया है। ब्रेट्जके अब सिर्फ 21 रन दूर हैं एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने से। अगर अगली पारी में वह 21 रन बना लेते हैं तो अपने ही साथी बल्लेबाज जनीमन मलान का रिकॉर्ड (483 रन, शुरुआती छह पारियों में) तोड़ देंगे।
पाकिस्तान के खिलाफ किया था डेब्यू
मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने अपना डेब्यू पाकिस्तान के खिलाफ किया था, जहां उन्होंने 150 रनों की धमाकेदार पारी खेली। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 83 रन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 57 और 88 रन बनाए। अब इंग्लैंड के खिलाफ 87 रन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि निरंतरता और क्लास का नतीजा है।












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