Mahashivratri: कैसे चमकी विराट की किस्मत! महादेव के भक्त के शरीर पर छिपे कितने टैटू? क्या है इनका रहस्य
Mahashivratri Virat Kohli: आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरा देश 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान है, वहीं क्रिकेट जगत के 'किंग' विराट कोहली (Virat Kohli) की शिवभक्ति भी किसी से छिपी नहीं है। शिव और शक्ति के मिलन के इस उत्सव पर भक्त मोक्ष की कामना कर रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर अपनी अटैकिंग बल्लेबाजी के लिए मशहूर विराट कोहली के शांत और आध्यात्मिक होने के पीछे महादेव का गहरा आशीर्वाद है?
आइए जानते हैं विराट कोहली की अनसुनी आध्यात्मिक यात्रा और उनके टैटू के पीछे छिपा गहरा रहस्य क्या है? साथ ही जानते हैं कि कोहली अब तक कुल कितने और कौन-कौन से मंदिर जा चुके हैं।

विराट कोहली की देह पर शिव का वास
विराट कोहली के शरीर पर बने टैटू केवल स्टाइल स्टेटमेंट नहीं, बल्कि उनकी अटूट आस्था का प्रमाण हैं। उनके बाएं हाथ पर भगवान शिव का दिव्य टैटू है, जिसमें महादेव कैलाश पर्वत पर ध्यान मुद्रा में विराजे हैं। यह टैटू उनके आत्मविश्वास और एकाग्रता को दर्शाता है। इसके अलावा, उनकी दूसरी बांह पर बनी 'तीसरी आंख' नीलकंठ की असीमित शक्ति का प्रतीक है, जो उन्हें हर बाधा से लड़ने की प्रेरणा देती है। विराट ने अपनी बॉडी पर 'ओम' का चिह्न भी बनवाया है, जो उनके आध्यात्मिक जुड़ाव को और गहरा बनाता है।
अनुष्का शर्मा के आने से बदली विराट के जीवन की दिशा
विराट खुद स्वीकार करते हैं कि उनकी आध्यात्मिकता की ओर रुचि पत्नी अनुष्का शर्मा के जीवन में आने के बाद और बढ़ गई। अनुष्का का ईश्वर में अटूट विश्वास है, जिसका सकारात्मक प्रभाव विराट पर भी पड़ा। हाल के वर्षों में यह स्टार कपल नीम करोली बाबा के आश्रम (कैंची धाम), वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन और उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती करता हुआ अक्सर देखा जाता है। यह बदलाव एक आक्रामक खिलाड़ी से एक शांत और स्थिर व्यक्तित्व वाले विराट की नई पहचान बन चुका है।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 'काल' बनकर टूटे कोहली
मैदान पर विराट की यह भक्ति 'शक्ति' बनकर उभरती है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ऐतिहासिक मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली ने जो शतकीय पारी खेली, उसने इतिहास रच दिया।
- सचिन का रिकॉर्ड ध्वस्त: विराट ने मात्र 287 पारियों में 14,000 वनडे रन पूरे कर सचिन तेंदुलकर (350 पारी) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
- विश्व के इकलौते खिलाड़ी: वे दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ आईसीसी के तीनों बड़े मंचों (एशिया कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी) पर शतक जड़ा है।
विराट कोहली से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. विराट कोहली का धर्म क्या है?
विराट कोहली का जन्म दिल्ली के एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ था। वे हिंदू धर्म का पालन करते हैं और भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। उनकी आस्था राम मंदिर से लेकर उज्जैन के महाकाल तक गहरी है।
2. विराट कोहली शाकाहारी (Veg) हैं या मांसाहारी (Non-Veg)?
विराट कोहली अब पूरी तरह से शाकाहारी (Vegetarian) हैं। उन्होंने कुछ साल पहले अपनी फिटनेस और सर्वाइकल की समस्या के कारण मांस खाना छोड़ दिया था। हालांकि वे खुद को 'वेगन' नहीं बल्कि 'वेजीटेरियन' कहते हैं क्योंकि वे डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं।
3. विराट कोहली के शरीर पर कुल कितने टैटू हैं?
विराट के शरीर पर करीब 12 टैटू हैं, जिनमें भगवान शिव, तीसरी आंख, ओम, जापानी समुराई, माता-पिता के नाम और उनकी टेस्ट व वनडे कैप का नंबर शामिल है।
4. विराट कोहली अब तक कितने मंदिर जा चुके हैं?
विराट कोहली किसी एक मंदिर नहीं, बल्कि देश के कई प्रसिद्ध और प्राचीन शक्ति केंद्रों के दर्शन कर चुके हैं। हाल के वर्षों में उनकी आध्यात्मिकता की ओर झुकाव इतना बढ़ा है कि वे अक्सर महत्वपूर्ण सीरीज से पहले या बाद में मंदिरों में नजर आते हैं। यहां उनके द्वारा दर्शन किए गए प्रमुख मंदिरों और आश्रमों की सूची दी गई है:
- महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन): विराट यहाँ कई बार भस्म आरती में शामिल हो चुके हैं। हाल ही में जनवरी 2026 में भी उन्होंने न्यूज़ीलैंड सीरीज से पहले बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।
- नीम करौली बाबा आश्रम (कैंची धाम, उत्तराखंड): विराट और अनुष्का की आस्था बाबा नीम करौली में अटूट है। वे अक्सर यहाँ शांति की तलाश में आते हैं।
- वृंदावन (उत्तर प्रदेश): यहाँ वे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम और बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए जाते रहते हैं।
- राम मंदिर और हनुमानगढ़ी (अयोध्या): विराट ने हाल ही में अयोध्या में राम लला के दर्शन किए और हनुमानगढ़ी में मत्था टेका।
- सिंहाचलम मंदिर (विशाखापत्तनम): दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद विराट ने यहाँ भगवान वराह लक्ष्मी नरसिंह के दर्शन किए थे।
- ऋषिकेश (उत्तराखंड): वे स्वामी दयानंद गिरी के आश्रम में भी समय बिता चुके हैं।
- स्वर्ण मंदिर (अमृतसर): टीम की कमान संभालने के दौरान वे अपने परिवार के साथ स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने गए थे।
- चिन्मय तपोवन आश्रम (धर्मशाला): हिमाचल की वादियों में स्थित इस आश्रम में भी विराट को आध्यात्मिक शांति की तलाश में देखा गया है।












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