T20 World Cup से पहले ऑस्ट्रेलिया की टूटी कमर! घातक गेंदबाज वर्ल्ड कप से बाहर, इन टीमों ने ली राहत की सांस
Josh Hazlewood Ruled Out of T20 World Cup: श्रीलंका और भारत की मेजबानी में होने वाले ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड फिटनेस समस्याओं के चलते इस मेगा टूर्नामेंट से पूरी तरह बाहर हो गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड ने पुष्टि की है कि हेजलवुड समय रहते अपनी फिटनेस हासिल करने में नाकाम रहे, जिसके कारण मैनेजमेंट को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा। हेजलवुड का बाहर होना ऑस्ट्रेलिया के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि टीम पहले से ही अपने प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही है।

ऑस्ट्रेलियाई मैनेजमेंट ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड के अनुसार, टीम मैनेजमेंट को उम्मीद थी कि हेजलवुड 'सुपर 8' स्टेज तक मैच फिट होकर वापसी कर लेंगे। हालांकि, ताजा मेडिकल रिपोर्ट के संकेत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। डोडेमाइड ने स्पष्ट किया कि हेजलवुड को मैदान पर उतारने के फायदे कम और जोखिम कहीं ज्यादा थे।
उन्होंने कहा, 'जोश को रिकवरी प्रोग्राम में तेजी लाने के लिए मजबूर करना उनके करियर के लिए खतरनाक हो सकता था।' दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने फिलहाल हेजलवुड के विकल्प (Replacement) के तौर पर किसी खिलाड़ी के नाम की घोषणा नहीं की है। बोर्ड टूर्नामेंट की प्रगति और पिचों की स्थिति को देखते हुए बाद में फैसला लेगा।
क्या खाली हो गया अनुभव का खजाना?
हेजलवुड का बाहर होना ऑस्ट्रेलिया के लिए 'दोहरी मार' जैसा है। टीम पहले से ही अपने नियमित टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस के बिना इस वर्ल्ड कप में उतरी है। कमिंस पीठ की चोट से उबर रहे हैं और पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं। अब हेजलवुड, जो अपनी सटीक लाइन-लेंथ के लिए जाने जाते हैं, के बाहर होने से ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक की धार काफी कम हो गई है। हेजलवुड अक्टूबर 2025 में भारत के खिलाफ सीरीज के बाद से ही एच्लीस इंजरी (Achilles injury) से जूझ रहे थे, जिसने अंततः उन्हें इस बड़े मंच से दूर कर दिया।
आस्ट्रेलिया का स्पिन पर दांव
भले ही तेज गेंदबाजी विभाग संकट में हो, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई खेमे से कुछ राहत भरी खबरें भी आई हैं। घातक तेज गेंदबाज नाथन एलिस और अटैकिंग बल्लेबाज टिम डेविड ग्रुप स्टेज के लिए पूरी तरह फिट हैं। वहीं, अनुभवी स्पिनर एडम जम्पा के कोलंबो में होने वाले पहले मैच के लिए उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
कप्तान मिचेल मार्श ने संकेत दिया है कि एशियाई पिचों पर वे स्पिन के विकल्प को ज्यादा मजबूती से आजमाएंगे। मैथ्यू कुहनेमैन और एडम जम्पा की जोड़ी स्पिन ऑलराउंडर्स के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी की कमान संभालेगी।
कप्तान मिचेल मार्श का क्या है प्लान-बी?
स्टार गेंदबाजों की अनुपस्थिति के बावजूद टी20 कप्तान मिचेल मार्श का आत्मविश्वास डगमगाया नहीं है। मार्श का मानना है कि पिछले 18 महीनों में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ पर काफी काम किया है। उनका कहना है कि कमिंस और हेजलवुड जैसे ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों की कमी खलेगी, लेकिन जो खिलाड़ी टीम में आए हैं, उनके पास पर्याप्त अनुभव है।
मार्श ने स्पष्ट किया कि टीम परिस्थितियों के आधार पर अपनी प्लेइंग-11 चुनेगी। नीदरलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच धुलने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया के पास आयरलैंड के खिलाफ अपने पहले मुकाबले से पहले तैयारी के लिए 6 दिनों का समय है।
क्या अनुभवहीन पेस अटैक बनेगा कमजोरी?
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंका और भारत की पिचों पर विपरीत परिस्थितियों में गेंदबाजी करना होगा। कमिंस और हेजलवुड की अनुपस्थिति में जोश ब्राउन या जेवियर बार्टलेट जैसे युवाओं पर दबाव होगा। हालांकि, मिचेल मार्श की कप्तानी में टीम ने पिछले डेढ़ साल में काफी निरंतरता दिखाई है, लेकिन वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में हेजलवुड जैसा 'विकेट टेकर' न होना ऑस्ट्रेलिया के लिए भारी पड़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंगारू टीम अपने स्पिन विभाग और ऑलराउंडर्स के दम पर इस कमी को पूरा कर पाती है।
इन टीमों ने ली राहत की सांस
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया को आयरलैंड, जिम्बाब्वे, श्रीलंका और ओमान जैसी टीमों के खिलाफ मैदान पर उतरना है। जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में इन टीमों के पास ऑस्ट्रेलिया के कमजोर पेस अटैक का फायदा उठाने का सुनहरा मौका होगा, वहीं ऑस्ट्रेलिया को सुपर-8 में अपनी जगह पक्की करने के लिए इन चारों मुकाबलों में अपना दमखम दिखाना होगा।












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