IND vs WI: ODI क्रिकेट में कप्तान रोहित शर्मा को तुरंत इन 4 चुनौतियों से जूझना होगा
नई दिल्लीः रोहित शर्मा अब वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज में वनडे कप्तानी भी करेंगे। यह पहली बार होगा जब रोहित 50 ओवर फॉर्मेट में फुल-टाइम कप्तानी संभालेंगे। रोहित पहले टी20 का जिम्मा ले चुके हैं और उनकी शुरुआत बढ़िया रही है जब पिछले साल के अंत में भारत ने कीवियों को हराया था। इसके बाद भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका जाती है लेकिन चोटिल की जगह पर केएल राहुल को कमान मिल जाती है। अब रोहित फिर से वनडे टीम में वापसी करेंगे। वे वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 फॉर्मेट में भी कप्तानी करेंगे।
फिलहाल भारत के सामने 2023 का वनडे वर्ल्ड कप है और टीम इस फॉर्मेट में काफी खराब खेल रही है।

क्या भारत थोड़ा और खुलकर बैटिंग कर सकता है
भारत को बैटिंग में थोड़ा बदलाव की दरकार है क्योंकि जिस तरह से आधुनिक वनडे क्रिकेट खेला जाता है उस हिसाब से टीम इंडिया के बल्लेबाज कुछ लचर दिख रहे हैं। कोई बल्लेबाज आउट हो जाए तो पूरी टीम के ढहने के चांस दिखते हैं। पिचें अब तेजी से फ्लैट होने लगी हैं और विपक्षी टीमों के बल्लेबाज खुलकर खेलने लगे हैं। हमने देखा दक्षिण अफ्रीका ने ज्यादा जोखिम लिए बिना तूफानी खेल दिखाया, यहीं पर भारतीय खिलाड़ी पीछे हैं।
केएल राहुल, शिखर धवन और विराट जैसे खिलाड़ियों ने अपनी पारियां बड़ी नहीं खेली और सारा बोझ ऋषभ पंत जैसे युवा पर आ जाता है। भारत को शुरुआत तूफानी करने के बाद अपने विकेट बचाकर खेलने होंगे, तभी पंत का सबसे बेहतर इस्तेमाल हो सकता है।

मीडिल ऑर्डर कैसा होना चाहिए
भारत के पास श्रेयस और वेंकटेश अय्यर जैसे प्रतिभाली मौजूद हैं लेकिन वे बहुत रन नहीं कर सके। सूर्यकुमार यादव मौजूद हैं लेकिन नया मैनेजमेंट उनको दक्षिण अफ्रीका में कम ही मौके देता नजर आया। यादव को आगे कितने चांस मिलेंगे यह भी नहीं कह सकते हैं। एक विकल्प रुतुराज गायकवाड़ हो सकते हैं जिनको रोहित ओपनर से मीडिल ऑर्डर बल्लेबाज बना सकते हैं।

गेंदबाजों को पॉवरप्ले में चमक दिखानी होगी
सच यह है कि भारत की बॉलिंग दक्षिण अफ्रीका के पूरे दौरे पर खराब रही। केवल टुकड़ों में टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन हुआ और वनडे में तो हालत बुरे ही रहे। पॉवरप्ले में भारतीय गेंदबाज पिछले 24 वनडे मैचों में 13 ही विकेट लेने में कामयाब रहे हैं। बुमराह अपनी जगह सही हैं लेकिन भुवनेश्वर लगभग खत्म हो चुके हैं जबकि मोहम्मद शमी अब धीरे-धीरे टेस्ट विशेषज्ञ के तौर पर ढलते जा रहे हैं क्योंकि वे उसी फॉर्मेट में बेस्ट हैं। शार्दुल ठाकुर एक ऑलराउंडर लगते हैं लेकिन उनकी गेंदबाजी में दम नहीं है।
एक जवाब दीपक चाहर हो सकते हैं। रोहित मुंबई इंडियंस के साथ कप्तानी में शुरुआत में दो विकेट लेने वाले गेंदबाज लगाते रहे हैं। देखना होगा वह चाहर के साथ क्या करेंगे।

क्या रोहित स्पिनरों से बेस्ट निकलवा पाएंगे?
युजवेंद्र चहल ने दक्षिण अफ्रीका में प्रभावित नहीं किया लेकिन उनको घरेलू पिचों का हवाला देकर फिर लिया गया है। अश्विन वनडे में खराब लगे हैं। कुलदीप यादव को शामिल किया गया है और वे अपने दिन पर बल्लेबाजों को बहुत तंग भी करते हैं पर उनका आत्मविश्वास खत्म है और रोहित जैसे किसी महान खिलाड़ी के कंधे पर सिर रखने के बाद ही उनको ढांढस मिल सकता है।
रोहित के सामने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम में आत्मविश्वास फूंकने का बड़ा टास्क है और उनको साबित करना होगा कि वह यह काम करने के लिए सही व्यक्ति हैं। ये रोहित के लिए चुनौती और अवसर दोनों हैं।












Click it and Unblock the Notifications