रोहित नहीं हुए फिट तो मझधार में टीम, कौन बन सकता है इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में भारत का कप्तान
नई दिल्ली, 26 जून: इंग्लैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम में कोविड ने फिर से हमला किया है और पांचवे टेस्ट मैच से ठीक पहले कई खिलाड़ियों को कोरोना हो गया है। ये ठीक ऐसी स्थिति है जैसी पिछले साल थी, जिसके चलते यह टेस्ट मैच एक साल के लिए स्थगित हो गया था। अब टेस्ट मैच तो किसी भी हाल में होगा लेकिन देखने वाली बात होगी कि रोहित शर्मा 1 जुलाई तक फिट हो पाते हैं या नहीं। रैपिड एंटीजन में पॉजिटिव पाए गए रोहित का आरटीपीसीआर टेस्ट आज होना है।
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भारतीय टीम की कप्तानी कौन करेगा
रोहित को इंफेक्शन ज्यादा हुआ तो वे निश्चित तौर पर 1 जुलाई तक फिट नहीं हो पाएंगे। कोविड वैकसीन के कारण कोरोना बहुत दिनों तक अब मरीज को बैड पर नहीं बांध पाता, लेकिन अपवाद केस भी होते हैं, ऐसे में उम्मीद यही है कि रोहित जितना हो सके उतनी तेजी से ठीक होंगे। पर वे फिट नहीं हुए और पहले टेस्ट में चूक गए तो भारत का कप्तान कौन होगा? मुख्य सवाल यही है कि भारतीय टीम की कप्तानी कौन करेगा, अगर रोहित शर्मा समय रहते पहले टेस्ट मुकाबले के लिए फिट नहीं हो पाए।

केएल राहुल पहली पसंद के कप्तान होते
भारत ने हाल ही में अलग-अलग फॉर्मेट में कई कप्तान आजमाए हैं जिसमें केएल राहुल पहली पसंद के कप्तान होते, अगर वे इस टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध होते। लेकिन राहुल जर्मनी में अपनी ग्रोइन चोट का उपचार करा रहे हैं और जल्दी से उनके लौटने की संभावना भी नहीं है, ऐसे में भारत के पास यह विकल्प खत्म हो जाता है। आमतौर पर कप्तान बल्लेबाज होते हैं लेकिन जसप्रीत बुमराह भी यहां पर कप्तानी के एक बड़े दावेदार दिखाई देते हैं क्योंकि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ भारत की घरेलू टेस्ट सीरीज में उप कप्तानी की थी।

हो सकता है भारतीय टीम बुमराह को कमान सौंप दें
उन्होंने कहा था कि वह इस भूमिका से खुश है और रोहित शर्मा को बतौर टेस्ट उप कप्तान जितनी संभव हो सके उतनी मदद देने की कोशिश करेंगे। बुमराह ने 2018 में विराट कोहली के तहत अपना डेब्यू किया था। जसप्रीत बुमराह अभ्यास मुकाबला खेल रहे हैं और 1 जुलाई से शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह उपलब्ध है। हो सकता है भारतीय टीम बुमराह को कमान सौंप दें।
बुमराह ने अभी तक भारतीय टीम की कमान नहीं संभाली है। ऐसे में उनके लिए विदेशी धरती पर टेस्ट मैच में पहली बार कप्तानी करना अपने आप में बड़ा अनुभव होगा।

दूसरा बड़ा नाम ऋषभ पंत का नाम उभर कर आता है
भारत की टेस्ट स्क्वायड में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने किसी ना किसी फॉर्मेट में किसी न किसी स्तर पर कप्तानी का अनुभव ले लिया है। जसप्रीत बुमराह के बाद सबसे बड़ा नाम ऋषभ पंत का नाम उभर कर आता है जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुई भारत की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज अपनी कप्तानी में ही खेली थी। पंत ने पांच मैचों की श्रृंखला में 2-2 से आंशिक कामयाबी भी हासिल की थी। हालांकि जिस तरह की आलोचना ऋषभ पंत की कैप्टंसी की हुई है और उनकी बल्लेबाजी फॉर्म भी कप्तानी के दबाव में प्रभावित हुई है, उसको देखते हुए टीम प्रबंधन ऋषभ पंत को बतौर कप्तान इस टेस्ट मैच में उतारने के लिए बड़ा जिगर रखना चाहेगा।

विराट कोहली; एक पेचीदा विकल्प
भारत के पास कप्तानी के परफेक्ट मटेरियल विराट कोहली मौजूद हैं लेकिन उन्होंने एक बार जब इस पद से त्यागपत्र जो दिया है उसके बाद वे शायद ही स्टैंड इन कप्तान की भूमिका को भी निभा पाएंगे। हालांकि भारत ने पिछली टेस्ट सीरीज विराट कोहली की कप्तानी में ही खेली थी ऐसे में हो सकता है राहुल द्रविड़ कोहली से व्यक्तिगत तौर पर अनुरोध करें कि वह कप्तानी संभालें और इस स्थिति से भारत को बाहर निकालें।
लेकिन विराट के मूड के ऊपर सब कुछ निर्भर करता है। वह चाहें तो रोहित शर्मा की जगह एक टेस्ट मैच में stand-in कप्तान साबित हो सकते हैं लेकिन कोहली की बल्लेबाजी फॉर्म जिस तरह की रही है उसको देखते हुए लगता नहीं है कि वह इस महत्वपूर्ण टेस्ट में अपने ऊपर अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने का जोखिम उठाएंगे। उन्होंने अभ्यास मैच की दूसरी पारी में भी अच्छे 67 रन बनाए थे और इस फॉर्म को लेकर लगातार जारी रखना चाहेंगे, जिसके लिए वे एक बतौर बल्लेबाज खेलना ज्यादा पसंद करेंगे। विराट कोहली एक बार कप्तानी खुद इस्तीफा दे चुके हैं ऐसे में वे शायद ही इस क्षेत्र में दोबारा हाथ डालना चाहेंगे, फिर चाहे परिस्थिति कोई भी हो।

चेतेश्वर पुजारा भी काफी सीनियर हैं
वरिष्ठता के आधार पर रविचंद्रन अश्विन और चेतेश्वर पुजारा ऐसे खिलाड़ी दिखाई देते हैं जो इमरजेंसी की स्थिति में भारत के कप्तान बन सकते हैं। यह दोनों ही काफी शांत और समझदार खिलाड़ी है जिन पर टीम प्रबंधन भरोसा भी कर सकता है और वह बाकी खिलाड़ियों को 1-2 मैचों के लिए नियंत्रित भी कर सकते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि चेतेश्वर पुजारा लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे हैं और अभ्यास मैच में भी वे कुछ खास नहीं कर पाए थे। जबकि रविचंद्रन अश्विन खुद कोविड की चपेट में आ चुके थे और अगर वे पहले टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध भी होते हैं तो यह देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम क्या उनको प्लेइंग इलेवन में खिलाएगी?
हमने अभ्यास मैच में रविंद्र जडेजा की अच्छी गेंदबाजी को देखा है और इस बात के चांस काफी लगते हैं कि जडेजा बतौर ऑलराउंडर अश्विन की तुलना में इस टेस्ट मैच के लिए टीम प्रबंधन की ज्यादा पसंद होंगे। लेकिन अगर चेतेश्वर पुजारा कप्तानी करते हुए नजर आते हैं तो बहुत आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए।

2007 के बाद से इंग्लैंड में पहली टेस्ट सीरीज जीत देख रहा है भारत
भारत वर्तमान में श्रृंखला 2-1 से आगे है और बर्मिंघम में हार से बचकर 2007 के बाद से इंग्लैंड की धरती पर अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला जीत का दावा कर सकता है। अगर रोहित मैच के दौरान भारत का नेतृत्व करने के लिए समय पर ठीक हो जाते हैं तो इस साल की शुरुआत में विराट कोहली से कप्तानी संभालने के बाद कप्तान के तौर पर यह घर से दूर उनका पहला टेस्ट होगा। रोहित चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए थे।
भारत के लिए एक टेस्ट जीत उन्हें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप स्टैंडिंग पर अहम अंक भी प्रदान करेगी, स्टैंडिंग में रोहित एंड कंपनी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बाद तीसरे स्थान पर काबिज है।












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