महिला विश्वकप 2017: क्रिकेटर नहीं डांसर बनना चाहती थी इंडियन कैप्टन मिताली राज

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बेंगलुरू। आज चारों ओर केवल भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज के बारे में बातें हो रही हैं, सोशल मीडिया पर जमकर लोग उनके कसीदे पढ़ रहे हैं। देश के सवा सौ करोड़ लोग ऊपर वाले से केवल एक ही दुआ मांग रहे हैं कि आज लार्ड्स में मिताली वो कर दिखाए जो साल 1983 में टीम इंडिया (मेल) के कप्तान कपिल देव ने किया था।

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अपना आखिरी विश्वकप खेल रहीं मिताली राज की भी पूरी कोशिश होगी कि वो आज कप को अपने हाथों में उठाकर लार्ड्स में तिरंगा फहराए। लेकिन क्या आज कप्तान मिताली के कसीदे पढ़ने वाले ये बात जानते हैं कि मिताली एक क्रिकेटर नहीं बल्कि एक डांसर बनना चाहती थीं।

भरतनाट्यम सीखा था

भरतनाट्यम सीखा था

पिछले 12 साल से टीम इंडिया की कमान संभालने वाली मिताली का जन्म एक तमिल परिवार में हुआ था, उनका रूझान बचपन से ही डांस की ओर था और इसी वजह से उन्होंने बचपन में ही क्लासिकल डांस सीखना शुरू कर दिया। उन्होंने 10 साल की उम्र तक भरतनाट्यम सीखा है और इसी में करियर बनाने की सोच रही थीं लेकिन वक्त ने ऐसा पलटा खाया कि आज मिताली ने देश में क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी है।

1999 में पहली बार

1999 में पहली बार

मिताली ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 1999 में पहली बार भाग लिया। यह मैच मिल्टन कीनेस, आयरलैंड में हुआ था जिसमें मिताली ने नाबाद 114 रन बनाए थे और आज मिताली के नाम पर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का कीर्तिमान है। मिताली ने यह मुकाम इंग्लैंड में ही खेले जा रहे आईसीसी महिला विश्व कप मैच में आस्ट्रेलिया के खिलाफ हासिल किया है। यह मिताली का 183वां मैच और 164वीं पारी है। इस मैच में उन्होंने 114 गेंदों में चार चौके और एक छक्के की मदद से 69 रनों की पारी खेली। उनके नाम अभी तक 51.83 की औसत से 6,061 रन दर्ज हैं। वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबादा 114 है। उनके हिस्से पांच शतक और 49 अर्धशतक हैं।

 इंग्लैंड के विरुद्ध प्रथम टैस्ट

इंग्लैंड के विरुद्ध प्रथम टैस्ट

मिताली राज दायें हाथ की बल्लेबाज हैं और उन्होंने 2001-2002 में लखनऊ में इंग्लैंड के विरुद्ध प्रथम टैस्ट मैच खेला। अपने पहले इंटरनेशनल मैच में मिताली ने जीरो रन बनाये थे।

लड़कों संग क्रिकेट खेलती थी मिताली

लड़कों संग क्रिकेट खेलती थी मिताली

स्कूल में लड़कों संग क्रिकेट खेलने वाली मिताली का चयन मात्र 17 साल की उम्र में टीम इंडिया में हुआ था। मिताली पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्हें विजडन इंडिया क्रिकेटर अवॉर्ड मिला है। उन्हें 21 साल की उम्र में भारतीय टीम की कमान सौंप दी गई थी।

अर्जुन अवॉर्ड

अर्जुन अवॉर्ड

मिताली के नाम अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे बड़े हाईएस्ट स्कोर का रिकॉर्ड है, उन्होंने साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ 214 रन की पारी खेली थी। मिताली को खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है।

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English summary
Skipper Mithali Raj scripted a new chapter in the history of Indian women's cricket, here are some Interesting Facts about her.
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