Rahul Dravid से Virat Kohli तक: इन दिग्गजों को नहीं मिला विदाई का एक मैच! आखिरी बार किसे मिला Guard of Honor?
भारतीय क्रिकेट में टेस्ट फॉर्मेट को हमेशा शान माना गया है और कई दिग्गजों ने इसे अपना खून-पसीना दिया। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतने बड़े योगदान के बावजूद कई महान खिलाड़ियों को आखिरी बार मैदान पर अलविदा कहने का मौका तक नहीं मिला। न कोई गार्ड ऑफ ऑनर, न तालियों की गूंज, न विदाई स्पीच- बस एक चुपचाप विदाई।
और जब हाल ही में विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) जैसे स्टार ने संन्यास लिया, तो यह सवाल और तेज हो गया- क्या भारतीय टेस्ट क्रिकेट में विदाई मैच की परंपरा खत्म हो गई है?

आखिरी बार किस दिग्गज को मिला मैदान पर विदाई का सम्मान?
भारत में आखिरी बार किसी दिग्गज को टेस्ट क्रिकेट में मैदान पर पूरा सम्मान और भावनात्मक विदाई सचिन तेंदुलकर को मिली थी।
- साल: नवंबर 2013
- मैच: भारत बनाम वेस्टइंडीज (वानखेड़े, मुंबई)
- खास पल: 200वां टेस्ट, टीम ने कंधों पर उठाकर पूरा मैदान घुमाया, और उनका फेयरवेल स्पीच आज भी लाखों फैन्स को याद है।
इस मैच के बाद सचिन तेंदुलकर को उनके साथियों ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया। जैसे ही सचिन ने अपनी आखिरी पारी खत्म की, स्टेडियम में एक ही आवाज गूंज रही थी- 'सचिन, सचिन!' यह आवाज हर भारतीय के दिल की गहराई से आ रही थी।
सचिन की यादगार आखिरी पारी में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट मैच 14 नवंबर 2013 को शुरू हुआ था, जो 16 नवंबर 2013 को खत्म हुआ था। इस मैच में सचिन ने 118 गेंदों पर 62.71 की स्ट्राइक रेट से 74 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 53.78 की औसत से 15,921 रन बनाए हैं, जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं।
सौरव गांगुली को भी मिली शानदार विदाई
गांगुली ने नवंबर 2008 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट खेला था। मैच के दौरान और बाद में उन्हें टीम और फैन्स से शानदार विदाई मिली।
बिना विदाई मैच के संन्यास लेने वाले प्रमुख भारतीय टेस्ट क्रिकेटर:
1.राहुल द्रविड़
जनवरी 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद मार्च 2012 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
2. वी.वी.एस. लक्ष्मण
जनवरी 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद अगस्त 2012 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
3. वीरेंद्र सहवाग
मार्च 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद अक्टूबर 2015 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
4. जहीर खान
फरवरी 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद अक्टूबर 2015 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
5. गौतम गंभीर
नवंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद दिसंबर 2018 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
6. युवराज सिंह
दिसंबर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद जून 2019 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
7. महेंद्र सिंह धोनी
दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद अगस्त 2020 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
8. हरभजन सिंह
अगस्त 2015 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद दिसंबर 2021 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
9. शिखर धवन
सितंबर 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद अगस्त 2024 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
10. रविचंद्रन अश्विन
अश्विन को टेस्ट क्रिकेट से विदाई मैच नहीं मिला। उन्होंने 18 दिसंबर 2024 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट के बाद अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही उनका टेस्ट करियर समाप्त हो गया।
11. रोहित शर्मा
दिसंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद 7 मई 2025 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
12. विराट कोहली
दिसंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में अपना अंतिम टेस्ट खेला। इसके बाद 12 मई 2025 में उन्होंने संन्यास की घोषणा की, लेकिन उन्हें विदाई मैच नहीं मिला।
भारतीय क्रिकेट में कई दिग्गजों ने अपनी चमकदार पारियों से टेस्ट क्रिकेट को गौरवान्वित किया है, लेकिन इन महान खिलाड़ियों को विदाई मैच का मौका नहीं मिल पाया। यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या अब टेस्ट क्रिकेट में विदाई मैचों की परंपरा खत्म हो गई है। आने वाले समय में इस पर गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता होगी।












Click it and Unblock the Notifications